तेजस : इस स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान को खरीदने के लिए कई मुल्क हैं बेताब, जानिए क्‍या है वजह

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भारतीय वायुसेना में तेजस लड़ाकू विमान के आने के साथ ही अन्य मुल्कों की नींद उड़ा दी है। दरअसल, इसकी खूबियों से प्रभावित होकर वे इसे अपने देश की सेना बेड़े में शामिल करना चाहते हैं। यही वजह है ​कि इसे खरीदने के लिए कई देश आतुर दिख रहे हैं। क्या है तेजस और क्यों है यह खास, जानिए स्लाइडशो में। कार्लमैन किंग : बीजिंग ऑटो शो में लॉन्‍च हुई दुनिया की सबसे महंगी एसयूवी, बनेंगी केवल 10 कारें

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Tejas LCA : इस स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान को खरीदने के लिए कई मुल्क हैं बेताब, जानिए क्‍या है वजह

इसकी लंबाई 13.20 मीटर है। ये 5,680 किलोग्राम भारी है, गोला-बारूद, इंधन के साथ ये 9,500 किलोग्राम भारी होगा। इसकी सुपरसोनिक रफ्तार 1.8 मेक की होगी।

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इसकी रेंज 3,000 किलोमीटर की होगी। मार्क-1 विमान एक बार में 400 किलोमीटर के दायरे में कर सकेगा ऑपरेशन।

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इसकी खास बात ये है कि इसे वायुसेना की ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से सभी एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस किया गया है।

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ये समंदर के ऊपर, राजस्थान के रेगिस्तान में कश्मीर और उत्तर-पूर्व के पर्वतीय इलाकों में भारत के सामने आने वाली हर चुनौती का माकूल जवाब देने की ताकत से लैस है।

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इसके अब तक ढाई हजार से अधिक उड़ान परीक्षण किए जा चुके हैं। और खास बात ये है कि एक तेजस विमान की कीमत करीब 200 करोड़ रुपये ही है, जो दुनिया के ऐसे किसी भी विमान से सबसे सस्ती है।

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तेजस हल्का है, छरहरा है। तेज रफ्तार भी है। ये खासियतें इसे हवा में उड़ने वाला एक आधुनिक विमान बनाती हैं।

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लेकिन जंग में जाने के लिए ये अभी भी तैयार नहीं है। तेजस को अभी भी 15 से 18 महीने लगेंगे जब ये मिसाइल फायर करने और बीच हवा में ही ईंधन लेने के लायक बनेगा।

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भारतीय वायुसेना का लक्ष्य करीब 120 तेजस विमानों को शामिल करने का है, जो दुश्मनों के मुकाबले हवाई ताकत में भारत की बढ़त को बरकरार रखने में अहम किरदार निभाएंगे।

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डेलीमेल की एक खबर के मुताबिक, श्रीलंका और इजिप्ट इस विमान को अपने देश के बेड़े में शामिल करने के लिए खरीदने को तैयार हैं।

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यह भारतीय वायुसेना में 2017-2018 में शामिल हो सकता है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है। इससे पहले एचएल ने एचएफ-24 मारुत बनाया था।

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कुल मिला कर इसे छह बड़े लक्ष्य हासिल करने हैं, जिसके बाद इसे दुनिया भी कहेगी आसमान के अर्जुन।

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English summary
With the induction of the Tejas Jet into the India's Air Force, it has already started of curiosity levels outside of India. Some of the leading defence and aeronautical firms of the West are worried about the success of the Tejas trainer jet. Rumour has it that Sri Lanka and Egypt are looking to purchase the trainer jet for their fleet. The Tejas is a lightweight, multi-role, supersonic single engine Light Combat Aircraft which is being developed by ADA (Aeronautical Development Agency) in collaboration with HAL (Hindustan Aeronautical Limited). This has been in development for the last three decades.
Story first published: Thursday, April 28, 2016, 18:33 [IST]
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