वो बातें जो सड़क पर आये दिन सुनने को मिलती हैं
सड़क पर कार या बाइक ड्राइव करते समय हर कोई सावधानी बरतना चाहता है। लेकिन जब आप अपनी गाड़ी लेकर सड़क पर उतरते हैं तो कुछ ना कुछ ऐसा जरूर हो जाता है जिससे आपकी परेशानी बढ़ जाती है। दुर्घटना हो या ना हो लेकिन भारतीय सड़क पर धमकी और भबकी खूब जोरों से चलती है।
जी हां, आप भी कभी ऐसे पलों से दो चार हुये होंगे जब आप किसी दूसरे को या फिर कोई दूसरा आपको सड़क पर नसीहत या धमकी जरूर दिया होगा। आपको बता दें कि, इस लेख को लिखने का उद्देश्य ये नहीं है कि हम ऐसी भाषा या फिर ऐसी बातों का समर्थन करते हैं। आज हम अपने इस लेख में कुछ ऐसी ही बातों के बारें में बतायेंगे जो भारतीय सड़क पर आसानी से सुनी जा सकती हैं।

वो बातें जो सड़क पर आये दिन सुनने को मिलती हैं
अागे स्लाईड पर तस्वीरों के माध्यम से देखें कि वो कौन सी बातें हैं जो सड़क पर एक भारतीय अपना गुस्सा उतारने के लिये प्रयोग करता है।

अबे अंधा है क्या ?
गाड़ी चलाते समय अचानक से यदि कोई सामने आ जाता है तो ये लाईनें आसानी से सुनी जा सकती हैं, "अबे अंधा है क्या" सिर्फ चन्द शब्द ही पूरे मामले को समझा देते हैं।

तेरे बाप की सड़क है
अगर कोई सड़क के बीच में अपनी गाड़ी लेकर चलता है तो दूसरा ये जरूर पुछता है कि "तेरे बाप की सड़क है क्या"

तुझे ज्यादा जल्दी है
भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर कोई सड़क पर रफ्तार से बातें करता है, तेज रफ्तार कार या बाइक को देखकर दूसरा जरूर पुछता है "तुझे बड़ी जल्दी है"

देख के चल भाई
इस लाईन को सुनकर राज कपूर साहब की फिल्म मेरा नाम जोकर का वो गाना याद आ जाता है "ए भाई जरा देख के चलो"। सड़क पर हल्की सी टक्कर या फिर ओवरटेक करते समय लोग ये लाईन जरूर बोलते हैं "देख के चल भाई"।

उतरूं क्या ?
सड़क पर यदि कोई बाइक वाला कार वाले से उलझता है तो कार में सवार व्यक्ति अपना प्रभाव दिखाने के लिये ये लाईन बोलता है "उतरूं क्या"।

बहरा है क्या ?
यदि कोई वाहन किसी के पिछे काफी देर से हॉर्न बजाता है और आगे वाला समय रहते उसे पास या जगह नहीं देता है तो हार्न बजाने वाला ये जरूर पूछ लेता है कि "बहरा है क्या"।

मेरी ही गाड़ी मिली थी मरने को
यदि कोई व्यक्ति हड़बड़ाहट या फिर जल्दी में किसी वाहन के सामने आ जाता है तो आम तौर पर वाहन चालक के मुंह से ये शब्द जरूर निकलते हैं, "मेरी ही गाड़ी मिली थी क्या मरने को"।

आराम से चल वरना खर्च हो जायेगा
ये एक टपोरी या फिर स्ट्रीट ब्वॉयज की भाषा होती है, तेज रफ्तार वाले वाहन चालक को मुफ्त में ये नसीहत मिलती है कि, "आराम से चल वरना खर्च हो जायेगा"।

ये तो गया आज
जब कोई सामान्य रफ्तार से गाड़ी चला रहा होता है और दूसरा उसके बगल से तेज रफ्तार में निकलता है तो धीमें चलने वाला आम तौर पर ये जरूर बोलता है कि, "ये तो गया आज"।

पी रखी है क्या
शराब और ड्राइविंग दोनों ही एक दूसरे के दुश्मन है शायद यही कारण है कि, ड्रींक एंड ड्राइव पर सरकार इतनी सख्त है। लेकिन यदि गलती से किसी की गाड़ी असंतुलित हो जाये तो सड़क पर दूसरा व्यक्ति ये जरूर कहता है कि, "पी रखी है क्या"


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