भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की कारें बाहर से दिखती है टैंक तो अंदर से है लगजरी होटल
भारत ने अभी हाल ही में अपना 73वां स्वतंत्रता दिवस को पूरे देश के साथ मनाया है। इस स्वंतत्रता दिवस के अवसर के पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूरे देश को संबोधित किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति है।

भारत में राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपति को कई सुविधाएं मिलती है। साथ ही इसमें उनकी सुरक्षा से लेकर कई लग्जरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाता है। लेकिन देश के प्रथम नागरिक होने के नाते राष्ट्रपति को मिलने वाली सुविधाओं में बहुत ही गोपनीयता होती है।

भारत का जो भी नागरिक देश का राष्ट्रपति बनता है, उसे प्रोटोकॉल के तहत नई मिलती है। सुरक्षा को ध्यान में रखकर उस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर तक की डिटेल किसी को नहीं दी जाती।

ऐसा प्रेसीडेंट की सिक्योरिटी के लिए किया जाता है। इस कार में लाइसेंस प्लेट नहीं होती। इसकी जगह अशोक स्तंभ का चित्र बना होता है। इस कार की कीमत प्रधान मंत्री के कार से भी अधिक होती है। अभी हाल में राष्ट्रपति कोविंद जिस कार की सवारी करते है, उसकी कीमत 10 से 11 करोड़ रुपयें बताई जाती है।

इन कारों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बाहर ये किसी टैंक से कम नहीं हैं और अंदर से किसी 5-स्टार होटल से कम नहीं है। इन पर बम या गोलियों का असर नहीं होता है। इनमें कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। इन कारों की कीमत 100 करोड़ से भी ज्यादा तक जाती है। तो डालते हैं इन कारों पर एक नजर

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद थे। बिहार के आम गांव से ताल्लुक रखने वाले डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को भारत के प्रथम नागरिक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 1947 मे राष्ट्रपति को कैडियलिक कंट्री कार उपलब्ध करायी गई थी। यह कार उस वक्त की लग्जरी कारों में शामिल की जाती थी।

लेकिन आधुनिक सुविधाओं से लैस लग्जरी ब्रांड के कारों का चलन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने शुरू किया था। इनमें W140 एस-क्लास का नाम शामिल है। भारत के राष्ट्रपति में सबसे पहले W140 एस-क्लास आर्मड वर्जन का इस्तेमाल शंकर दयाल शर्मा ने ही किया था।

यह कार अपने विश्वसनीयता और अच्छी गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। यह कार सुरक्षा के दृष्टि से भी कारगर थी। इस वजह से कार को आगे के दो राष्ट्रपतियों को भी मुहैया कराया गया था। इनमें केआर नरायणन और एपीजे अब्दुल कलाम थे।

हालांकि इसके बाद के तीन राष्ट्रपतियों के लिए इस कार को सेवानिवृत्त कर दिया गया है। 21वी सदी के सभी राष्ट्रपति जिनमें प्रतिभा पाटिल, प्रणव मुखर्जी और रामनाथ कोविंद का नाम है। इनके लिए भारत सरकार द्वारा W221 मर्सिडीज S600 पुलमैन गार्ड को पारित किया गया है।

प्रतिभा पाटिल को भारत की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। जिस समय उसने राष्ट्रपति की कुर्सी पर कब्जा किया, उस समय राष्ट्रपति पद के लिए W221 पीढ़ी के मर्सिडीज S600 पुलमैन गार्ड के बख्तरबंद लिमोसिन को अपग्रेड दिया गया था।

प्रतिभा पाटिल को भारत की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। प्रतिभा पाटिल के भारत के राष्ट्रपति बनने के उपरांत को राष्ट्रपति के कार को अपडेट कर दिया गया था। राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली लिमोसिन कार को W221 पीढ़ी के मर्सिडीज S600 पुलमैन गार्ड से बदल दिया गया।

हालांकि इस कार के बारे में सटीक जानकारी उपल्बध नहीं है। क्योंकि इस कार को देश की सबसे सुरक्षित कार माना जाता है। लेकिन पुलमैन गार्ड के नागरिक संस्करण के फीचर्स में मशीन गन फायर, ग्रेनेड और बम का सामना करने की शक्ति है।
इस कार को प्रतिभा पाटिल के बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा भी उपयोग किया गया। वहीं वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इस कार का इस्तेमाल करते है।

ऐसा हमेशा से नहीं रहा है कि भारतीय राजनेताओं द्वारा लग्जरी कारों का ही इस्तेमाल किया गया हो। भारत में कई विदेशी कार निर्माताओं के आने के बावजूद भी कई ऐसा प्राधानमंत्री रहे है, जिन्होंने भारतीय कारों का ही इस्तेमाल किया है। इनमें प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, आईके गुजराल और एच.डी. देवेगौड़ा का नाम शामिल है।

हालांकि इसके बाद के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी द्वारा बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज को उपयोग में लाया गया था। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति में सबसे सम्मानित व्यक्तियों में से एक थे और भारतीय जनता पार्टी के पहले पीएम थे। 2001 में संसद भवन पर आतंकवादी हमले के बाद, उन्हें बेहतर सुरक्षा के लिए बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज़ को इस्तेमाल में लाने के लिए दिया गया।

बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज को सबसे पॉवरफुल कार माना जाता है। इसका वी12 एक्सलेंस वैरिएंट 7 सिडान पर बेस्ड है। इसमें सिग्नेचर एक्सड्राइव ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम बतौर स्टैंडर्ड दिया गया है।

इसमें 6.6-लीटर एम प्रफॉरमेंस ट्वीन पॉवर टर्बो 12-सिलिंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है। इसका इंजन 601 बीएचपी की मैक्सिमम पावर और 800 एनएम का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। वहीं इसमें 8-स्पीड स्टेपट्रोनिक स्पोर्ट ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है। यह कार केवल 3.7 सेकेंड्स में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर लेती है।

वहीं अटल बिहारी वाजपयी के बाद भारत के महान अर्थशास्त्री और देश को आर्थिक सम्स्याओं से निकालने वाले प्रधानमंत्री सिंह ने भी बीएमडब्ल्यू सीरीज के उपयोग को ही जारी रखा।

हालांकि वर्ष 2014 में भाजपा की सरकार में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज कार के साथ रेंज रोवर स्पोर्ट का भी इस्तेमाल करते है।

रेंज रोवर स्पोर्ट पर नरेंद्र मोदी को कई मौको पर देखा गया है। टाटा मोटर्स की स्वामित्व वाली लैंड रोवर रेंज स्पोर्ट पैनारॉमिक सनरूफ दिया गया है, जो रोडशो करने के लिए एक बेहतर विकल्प है।


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