इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन ने की बड़ी घोषणा, 3 साल में लगाएगी 10,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शुरू हो चुका है। देश में टाटा मोटर्स, एमजी मोटर्स और एथर जैसी कई वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही हैं। वहीं अब देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम आयातक कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने की घोषणा की है।

बता दें कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन, एसएम वैद्य ने कहा है कि कंपनी अगले 3 साल में 10,000 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन (EV Charging Station) लगाएगी। इनमें से 2,000 चार्जिंग स्टेशन अगले 12 महीनों में स्थापित किए जाएंगे जबकि अगले 2 साल में 8,000 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।

इसी से संबंधित एक खबर में, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EVRE और पार्किंग समाधान ब्रांड Park+ ने दो वर्षों में पूरे भारत में 10,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए अपनी साझेदारी की घोषणा की है। लंबी अवधि की इस साझेदारी में लॉजिस्टिक्स और पीपल मोबिलिटी सेगमेंट के लिए स्मार्ट चार्जिंग और पार्किंग हब स्थापित करने के लिए दोनों कंपनियों का सहयोग शामिल होगा।

जहां EVRE, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के डिजाइन, निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी उठाएगी, वहीं Park+ रियल एस्टेट पहलू की व्यवस्था और प्रबंधन करेगा। Park+ पहले से ही 1000 से ज्यादा अपार्टमेंट, 250 से ज्यादा कॉर्पोरेट और 30 से ज्यादा मॉल में चार्जिंग सेवाएं प्रदान कर रहा है।

इन स्टेशनों की स्थापना अधिक मांग वाले क्षेत्रों जैसे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय टाउनशिप, मॉल, होटल और कॉरपोरेट टेक पार्कों में की जाएगी, जहां चार्जिंग स्टेशन और चार्जर्स की मांग अधिक होगी।

आपको बता दें कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले कई बार देश के सभी पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की बात कह चुके हैं। नितिन गडकरी के अनुसार केंद्र सरकार 69,000 पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रही है।

चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिसमे पहले महानगरों को शामिल किया जाएगा। परियोजना के सफल होने पर अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। देश में चल रहे विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों के फ्रेंचाइजी को भी कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन बनाने का निर्देश दिया जा सकता है। इस योजना के तहत देश के सभी पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में देरी का मुख्य कारण देश में पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे चार्ज करने की होती है। अगर सफर के दौरान चार्ज खत्म हो जाता है और आस-पास चार्जिंग स्टेशन नहीं है, तो ऐसे में चालक को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। अगर प्रत्येक पेट्रोल पंप पर एक चर्जिंग स्टेशन खोल दिया जाए तो इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने में काफी सुविधा होगी।


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