इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने देश भर में लगाए 1,000 से ज्यादा ईवी चार्जिंग स्टेशन, 10,000 लगाने का लक्ष्य
सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IndianOil Corporation) ने कहा कि उसने देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 1,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये हैं। इंडिया ऑयल के निदेशक, वी. सतीश कुमार (मार्केटिंग) ने कहा कि देश में ईवी क्रांति को सक्षम करने की दिशा में कंपनी ने 1,000 से अधिक ईवी चार्जिंग पॉइंट्स की सफल तैनाती की है।

उन्होंने आगे कहा कि इंडियन ऑयल अगले तीन वर्षों में 10,000 ईंधन स्टेशनों पर ईवी चार्जिंग सुविधाएं प्रदान करने के लिए कमर कस रहा है। यह इलेक्ट्रिक वाहनों के ग्राहकों को चिंता मुक्त करने के साथ-साथ ऑटोमोबाइल निर्माताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को बढ़ाने का भी विश्वास दिलाएगा।

इंडियन ऑयल ने 2017 में सार्वजनिक उपयोग के लिए अपना पहला ईवी चार्जर नागपुर में स्थापित किया था। अब, कंपनी के चार्जिंग पॉइंट कई राज्यों और राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 500 से अधिक कस्बों और शहरों में मौजूद हैं। इसके अलावा, निगम अगले तीन वर्षों में देश भर में राजमार्गों को ई-हाईवे में बदलने के लिए 3,000 से अधिक चार्जिंग स्टेशनों का आधार बनाने की योजना बना रहा है।

'नेशनल मिशन फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव मोबिलिटी एंड बैटरी स्टोरेज' के अनुसार, इंडियनऑयल मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता, सूरत और पुणे में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर रहा है। इसके साथ-साथ राज्यों की राजधानियों, स्मार्ट शहरों, प्रमुख राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये जा रहे हैं।

आपको बता दें कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले कई बार देश के सभी पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की बात कह चुके हैं। नितिन गडकरी के अनुसार केंद्र सरकार 69,000 पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रही है।

चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिसमे पहले महानगरों को शामिल किया जाएगा। परियोजना के सफल होने पर अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। देश में चल रहे विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों के फ्रेंचाइजी को चार्जिंग स्टेशन लगाने का निर्देश दिया गया है। इस योजना के तहत आने वाले समय में गांव, कस्बों और शहरों में चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में देरी का मुख्य कारण देश में पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे चार्ज करने की होती है। अगर सफर के दौरान चार्ज खत्म हो जाता है और आस-पास चार्जिंग स्टेशन नहीं है, तो ऐसे में चालक को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। अगर प्रत्येक पेट्रोल पंप पर एक चर्जिंग स्टेशन खोल दिया जाए तो इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने में काफी सुविधा होगी।

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने चेन्नई-त्रिची-मदुरै के 900 किलोमीटर राजमार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए फास्ट-चार्जिंग कॉरिडोर को शुरू किया है। हाईवे के इस स्ट्रेच पर बीपीसीएल के 10 फ्यूल पंप पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध किये गए हैं। कंपनी ने सीसीएस-2 डीसी फास्ट-चार्जर्स को स्ट्रेच पर तैनात किया है, जिससे यह देश का पहला इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) फ्रेंडली हाईवे बन गया है।

बीपीसीएल ने चेन्नई-त्रिची-मदुरै हाईवे पर मौजूद अधिक ट्रैफिक वाले स्ट्रेच पर चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित किया है। कंपनी 7,000 पारंपरिक रिटेल पेट्रोल पंप को ऊर्जा स्टेशनों में परिवर्तित कर रही है जो ग्राहकों को ईवी चार्जिंग सुविधा सहित कई ईंधन विकल्प प्रदान करती है।

कंपनी का लक्ष्य 2040 तक शून्य ऊर्जा खपत करने वाली कंपनी बनना है और इसे हासिल करने के लिए कंपनी सस्टेनेबल सॉल्यूशंस का रोडमैप विकसित कर रही है। पिछले साल, कंपनी ने घोषणा की थी कि वह अपने 9,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने के लिए जगह देगी।


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