ई-रिक्शा चालकों सावधान! चलती गाड़ी को रिमोट से बंद कर रहे शरारती तत्व, सरकार का बड़ा एक्शन

भारत सरकार ने मोबाइल स्टोर से कई बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे थे जिनमें प्रैंक के नाम पर चलती ई-रिक्शा को रिमोटली बंद किया जा रहा था। दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ड्राइवरों की सुरक्षा और सड़क हादसों को रोकने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है।

यह प्रैंक उन ई-रिक्शा को निशाना बना रहा था जिनमें बिना एन्क्रिप्शन वाली लिथियम-आयन बैटरी लगी थी। शरारती तत्व 'ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम' (BMS) जैसे ऐप्स के जरिए इन पर कंट्रोल हासिल कर लेते थे। ज्यादातर ड्राइवरों को पता ही नहीं था कि उनके पास से गुजरने वाला कोई भी स्मार्टफोन उनकी बैटरी सेटिंग्स को एक्सेस कर सकता है। इसी खामी का फायदा उठाकर अजनबी लोग भारी ट्रैफिक के बीच गाड़ी की पावर कट कर देते थे। सुरक्षा विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ओपन पेयरिंग कोड की वजह से ये गाड़ियां डिजिटल हैकिंग का आसान शिकार बन सकती हैं।

Indian Government Bans E-Rickshaw Battery Apps Over Hacking Risks and Safety Concerns in 2026

आखिर क्यों ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम बन रहे थे निशाना?

प्रभावित होने वाले ज्यादातर ई-रिक्शा में सस्ते और इम्पोर्टेड बैटरी पैक लगे थे, जो डिफॉल्ट सेटिंग्स पर चल रहे थे। पुरानी लेड-एसिड बैटरियों के उलट, लिथियम-आयन यूनिट्स में बिजली के फ्लो को मैनेज करने के लिए डिजिटल BMS का इस्तेमाल होता है। प्रैंक करने वालों ने इन मॉड्यूल्स में पासवर्ड प्रोटेक्शन न होने का फायदा उठाया और रिमोटली डिस्चार्ज सर्किट को डिस्कनेक्ट कर दिया। यह समस्या मुख्य रूप से उन नए मॉडल्स में देखी गई जो आसान मेंटेनेंस और ट्रैकिंग के लिए ऐप-आधारित मॉनिटरिंग पर निर्भर हैं।

बैटरी का प्रकार खतरे की स्थिति कंट्रोल करने का तरीका
लिथियम-आयन ज्यादा (असुरक्षित) ब्लूटूथ/ऐप
लेड-एसिड शून्य केवल मैकेनिकल

ड्राइवरों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत अपने डिफॉल्ट फैक्ट्री पासवर्ड बदल लें। इसके अलावा, अनधिकृत एक्सेस को रोकने के लिए ब्लूटूथ विजिबिलिटी को बंद करना भी बेहद जरूरी है। अब ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) से मौजूदा यूनिट्स को सुरक्षित करने के लिए फर्मवेयर पैच उपलब्ध कराने को कहा गया है। अगर कोई ऐप अभी भी आपकी गाड़ी की जानकारी दिखा रहा है, तो सुरक्षा अपग्रेड के लिए तुरंत अपने बैटरी डीलर से संपर्क करें। दिल्ली में स्थानीय प्रशासन अब नए सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की चेकिंग भी कर रहा है।

ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स पर सरकार का एक्शन

इन ऐप्स को हटाना माइक्रो-मोबिलिटी सेक्टर को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि कुछ लोगों के लिए यह महज एक मजाक था, लेकिन इसने सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया था। अधिकारी अब ऐप स्टोर्स पर नजर रख रहे हैं ताकि इन टूल्स के नए वर्जन दोबारा न आ सकें। ड्राइवरों को सलाह दी जाती है कि वे ट्रैफिक चेकिंग के दौरान अपनी अपडेटेड सुरक्षा सेटिंग्स का प्रमाण साथ रखें। भारत में हर इलेक्ट्रिक वाहन मालिक के लिए अब जागरूक और सतर्क रहना अनिवार्य हो गया है।

Article Published On: Friday, July 3, 2026, 17:32 [IST]
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