भारतीय सेना के लिए खास जिप्सी बनाएगी मारुति, सरकार ने भी सुरक्षा नियमों में दिया छूट

भारतीय सेना के वाहनों के बेड़े में अब फिर से कई मारुति जिप्सी शामिल होने वाली है। यह वाहन अस्तित्व में आने के बाद से ही सुरक्षा सेनाओं की लोकप्रिय बन चुकी है तथा इसकी बहुउपयोगिता की वजह से इसे बहुत पसंद किया जाता है।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

भारतीय सेना ने हाल ही में मारुति सुजुकी को हजारों जिप्सी बनाने का आर्डर दिया था लेकिन इसका उत्पादन अप्रैल 2019 से ही बंद किया जा चुका है इसलिए ब्रांड ने यह आर्डर पूरा करने से माना कर दिया था।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

1 अप्रैल से भारत सरकार ने सभी वाहनों में एंटी लॉक ब्रेकिंग (ABS) सुविधा लगा होना अनिवार्य कर दिया है तथा अक्टूबर से सुरक्षा नियमों के तहत एयरबैग, पार्किंग सेंसर, सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसे कई फीचर भी अनिवार्य कर दिए जाएंगे।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

इन सब कारणों व कम बिक्री की वजह से मारुति सुजुकी ने जिप्सी का उत्पादन बंद कर दिया है। लेकिन भारतीय सेना ने जिप्सी की जरूरत पर ही जोर दिया और इस वजह से रक्षा मंत्रालय ने सुरक्षा नियमों में ढील दे दिया है।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

मारुति जिप्सी को उत्पादन बंद होने के बाद भी नियमों में छूट मिल गयी है। भारतीय सेना ने कुल 3051 जिप्सी वाहनों का आर्डर दिया है। लेकिन जल्द ही इसकी जगह पर टाटा की सफारी स्टॉर्म को लाया जाएगा जिसका सेना चयन कर चुकी है।

Most Read: पुलिस को मिली लेजर स्पीड गन, 1 किलोमीटर दूर से ही पता कर लेंगे वाहन की स्पीड

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

पिछले 5 सालों से इस वाहन का ट्रायल किया जा रहा है। टाटा सफारी व महिंद्रा स्कॉर्पियो सेना की जरूरतों को पूरा करती है और इसलिए इनका चयन किया गया था लेकिन टाटा सफारी स्टॉर्म ने कम बोली लगायी थी इसलिए उसे ही चुना गया।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

भारतीय सेना ने 3192 टाटा सफारी स्टॉर्म का आर्डर दिया है जिसमें से 90 प्रतिशत वाहन डिलीवर किये जा चुके है। इसके बावजूद मारुति जिप्सी की भी जरूरत पड़ी है जिस वजह से यह आर्डर दिया गया है।

Most Read: पुलिस को मिली लेजर स्पीड गन, 1 किलोमीटर दूर से ही पता कर लेंगे वाहन की स्पीड

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

इसका कारण सफारी स्टॉर्म का अधिक वजह माना जा रहा है। असल में भारतीय सेना मारुति जिप्सी का सॉफ्ट टॉप मॉडल उपयोग करती है तथा इसका वजन सिर्फ 985 किलोग्राम होता है और इस वजह से इसे पहाड़ों व संकरे रास्तों पर आसानी से चलाया जा सकता है।

Most Read: CRPF तथा BSF को अब मिलेगी यह दमदार बम-प्रूफ वाहन, सरकार ने दी मंजूरी

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

नई मॉडल को लाने में 5-6 साल का समय लगता है। इसलिए भारतीय सेना ने तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मारुति जिप्सी को ही चुना है। सेना इस कैटेगरी के करीब 30,000 वाहनों का उपयोग करती है लेकिन अब पुराने वाहन रिटायर होते जा रहे है।

Most Read: यह सरदारजी अमेरिका में ट्रक चलाकर कमाते है 1.6 करोड़ रुपयें, जानिये क्या है इनकी कमाई का राज

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

भारतीय सेना को वर्तमान में इस कैटेगरी के 8000 वाहन की जरूरत है और मारुति जिप्सी व सफारी स्टॉर्म इन जरूरतों को पूरा कर सकते है। जिप्सी को सेना 1991 से उपयोग में ला रही है तथा अब तक करीब 35,000 जिप्सी सिर्फ सेना को डिलीवर की जा चुकी है।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

भारतीय सेना जिप्सी को इसलिए पसंद करती है क्योकि इसे कश्मीर व उत्तर पूर्वी राज्यों के पहाड़ी रास्तों में अन्य वाहनों के मुकाबले आसानी से चलाया जा सकता है। पतले रास्तों में इसे किसी भी मौसम में उपयोग में लाया जा सकता है।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

इसके साथ ही भारतीय सेना इसमें राइफल व बंदूकों का आसानी से इस्तेमाल कर सकती है तथा पिछले हिस्से में खड़े होकर एक स्थायी जगह भी बनायीं जा सकती है। मारुति जिप्सी का परफॉर्मेंस भी बेहतरीन रहता है।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

मारुति जिप्सी को बिल्ड क्वालिटी बहुत अच्छी होती है जिस वजह से भारतीय सेना द्वारा उबड़ खाबाद रास्तों में भी इस्तेमाल किये जाने भी यह वाहन अच्छी चलती है। इसे दुर्गम इलाकों में भी ले जा कर चलाया जा सकता है।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

भारतीय सेना में मारुति जिप्सी लंबे समय से काम में आ रही है और यह कई महत्वपूर्ण लड़ाई व मिशन का हिस्सा भी बनी है। हालांकि वर्तमान समय में यह वाहन आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है तथा कंपनी की इसके बेहतर वर्जन लाने का कोई विचार नहीं है।

भारतीय सेना स्पेशल मारुति जिप्सी सुरक्षा नियमों में छूट मिली

मारुति जिप्सी के बदले भारतीय सेना सफारी स्टॉर्म उपयोग में लाने वाली है लेकिन यह सॉफ्ट टॉप में नहीं उपलब्ध है। यह सिर्फ हार्ड टॉप में उपलब्ध है जो कि एक परेशानी का सबब बन सकती है।

Most Read Articles

Hindi
English summary
Indian Army will Receive specially Produce Maurti Gypsy. Read in Hindi.
 
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Drivespark sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Drivespark website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more