जरूर देखें • भारतीय वायु सेना के बेहतरीन लड़ाकू विमान
हवा को चीरते और अपनी गर्जना से लोगों के दिल दहला देने वाले फाईटर प्लेन को देखकर हर किसी का मन हर्षित हो जाता है। जब भी कभी हमारे कानों में इनकी आवाज आती है तो हमारी आंखे बरबस ही आसमान की तरफ इन्हें तलाशने लगती है। ये पल और भी खास हो जाता है जब भारतीय वायुसेना के फाईटर प्लेन हवा में अठखेलियां करते हैं।
तस्वीरें • इस जहाज के भीतर की रंगीन दुनिया देख होश उड़ जायेंगे
एअरफोर्स किसी भी मुल्क की सेना का अभिन्न अंग होता है। कुछ ऐसी ही हमारी इंडियन एअरफोर्स है, जिनके फाईटर प्लेन को देखकर हमारा सीना गर्व से फुल जाता है। आज तक हम अपने इस पोर्टल में कारों या फिर बाइकों का ही जिक्र करते रहें हैं। लेकिन आज अपने ऑफ बीट सेक्शन में भारतीय वायुसेना के उन जाबांज लड़ाकू विमानों के बारें में बतायेंगे जिन्हें देखकर दुश्मनों के पसीने छूटने लगते हैं।
तो आइये तस्वीरों के माध्यम से जानते हैं भारतीय वायुसेना के फाईटर प्लेन के बारें में:

इन जाबांज लड़ाकू विमानों से कांपते हैं दुश्मन
भारतीय वायु सेना ने कई युद्धो में अपने पराक्रम से दुश्मनों को लोहा मनावाया है। उनके इस दिलेरी के पिछे उनके जज्ब़े के साथ ही इन बेहतरीन लड़ाकू विमानों का भी हाथ है। आगे नेक्स्ट स्लाईड पर देखिये भारतीय वायु सेना में सक्रिय फाईटर प्लेन को।

भारतीय वायिसेना का सुखोई एसयू-३० एमकेआई।
यह बहु-उपयोगी लड़ाकू विमान रूस के सैन्य विमान निर्माता सुखोई तथा भारत के हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बना है। इस विमान को अक्टूबर 2001 मे ऐसे 105 विमानो की 6 स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की सेवा मे थी। ऐसे कुल 280 विमान हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाये जाने की योजना है। यह विमान 3000 किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है।

एचएएल तेजस
ये है एचएएल तेजस, इसने 4 जनवरी सन 2001 को पहली बार उड़ान भरी थी। इस बेहतरीन लड़ाकू विमान का निर्माण हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड है। तेजस् वर्तमान में उड़ान परीक्षण के दौर से गुजर रहा है। एक बार प्रारंभिक आपरेटिंग मंजूरी (IOC) मिलने के बाद इसे सीमित संख्या में भारतीय वायु सेना में शामिल किया जाएगा। आपको बता दें कि, इस विमान का नाम तत्कालिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखा था।

मिकोयान मिग-29
मिकोयान मिग-29, एक रुसी लडाकू विमान है। आपको बता दें कि, इस लड़ाकू विमान का प्रयोग भारतीय सेना के साथ ही, रूस, योगोस्लाविया और यूक्रेन की सेना भी करती है। ये जहाज 2400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है।

डिसॉल्ट मिराज 2000
डिसॉल्ट मिराज 2000, एक फ्रांसिसी लडाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान का प्रयोग भारत के साथ ही, चीन, फ्रांस और युनाइटेड अरब अमिरात वायुसेना भी करती है। ये विमान 2530 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ने में सक्षम है। इस विमान में डीईएफए रिवॉल्वर गन जो कि 125 राउंड प्रतिगन फायरिंग करने में सक्षम है। इसके अलावा, हार्डप्वांट, रॉकेट और मिसाइलों को भी शामिल किया गया है।

मिकोयान गुरविच मिग- 21
मिकोयान गुरविच मिग- 21, भारत के साथ ही लीबिया की सेना भी प्रयोग करती है। ये विमान 2175 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है। इस विमान में दो सेट में 500 किलोग्राम के बम, कैनन और गन को शामिल किया गया है।

सेपेकैट जैगुआर
सेपेकैट जैगुआर एक एंग्लो-फ्रेंच ज़मिनी हमलावर लढाकू विमान है। इस विमान का निर्माण हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने किया है। इस जैगुआर का प्रयोग फ्रेंच एयर फोर्स, भारतीय वायुसेना, रॉयल एयर फोर्स आफ़ ओमान भी करते हैं। ये विमान 1699 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है। इस विमान को रॉकेट, मिसाइल, गन, बम और आधुनिक हथियारों से लैस किया गया है।

मिग 27 बहादूर
ये एक फाईटर बॉम्बर विमान है, जो युद्ध के दौरान तेज गती से बमबारी करने के लिये उपयुक्त है। 1350 किलाेमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ने वाला ये विमान कैनन, गन और सामान्य श्रेणी के बम से लैस है।

भारतीय वायु सेना
भारतीय वायुसेना, जो वायु युद्ध, वायु सुरक्षा, एवं वायु चौकसी का महत्वपूर्ण काम देश के लिए करती है। इसकी स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को की गयी थी। आजादी (1950 में पूर्ण गणतंत्र घोषित होने) से पूर्व इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था और 1945 के द्वितीय विश्वयुद्ध में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आजादी के बाद इसमें से "रॉयल" शब्द हटाकर सिर्फ "इंडियन एयरफोर्स" कर दिया गया।


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