अब मानवरहित "तेजस" पर कार्य कर रहा है भारत, जानिए कैसा हो सकता है "लड़ाकू विमान" का भविष्य?
भारत ने एचएएल के साथ तेजस लाईट कॉम्बैट विमान के मानवरहित संस्करण पर काम करना शुरू कर दिया है कि यह परियोजना केवल थोड़े समय का फ्रेम लेगी।
भारत ने मेड इन इंडिया तेजस के संसोधित संस्करण पर कार्य करते हुए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) के संस्करण को विकसित करने के काम शुरू कर दिया है। इस विमान की खासियत यह होगी कि यह मानवरहित होगा। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्यूचरिस्टिक रोल के लिए लड़ाकू को बदलने के लिए एक कार्य समूह का गठन किया गया है और परियोजना पर काम शुरू हो चुका है।

विमान निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भी आश्वस्त है कि इस परियोजना को थोड़े समय के भीतर किया जा सकता है। बता दें कि तेजस ने हाल ही में भारतीय वायुसेना के साथ सेवा में प्रवेश किया है और 2017 बहरीन वायु शो में उसने अपनी शुरुआत की है। यहां उसे सार्वजनिक रुप से प्रदर्शित किया गया।

हाल ही में भारतीय वायु सेना में शामिल हुए, तेजस की दो इकाइयों ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के नं 45 'फ्लाइंग डैगर्स स्क्वॉड्रॉन' में शामिल हुआ है। खबरों के मुताबिक एक और 121 तेजस विमान नौसेना संस्करण के परीक्षण के साथ आईएएफ में शामिल हो जाएगा। इस मानवरहित लड़ाकू विमानों के जरिए क्रॉस-बॉर्डर की निगरानी की जा सकेगी। ताकि बिना पायलट के भी आतंकियों से निपटने की व्यवस्था सूचारू रुप से जारी हो सके।

इसके अलावा एचएएल चेतक हेलिकॉप्टर के भी मानव रहित संस्करण पर भी काम कर रहा है। यह प्रजोक्ट आउरा के नाम से जाना जाता है। प्रोजेक्ट आउरा एक फ्यूचरिस्टिक मुकाबला ड्रोन देखेगा जो कि कावेरी इंजन के एक संशोधित संस्करण का उपयोग करेगा। यह तेजस को भी शक्ति देता था।

एचएएल के चीफ टी सुवर्णा राजू सेने कहा कि हमने तेजस मंच पर मानव रहित युद्ध हवाई वाहन (यूसीएवी) बनाने पर आंतरिक अध्ययन शुरू किया है। इसके अलावा, हम चेतक हेलीकॉप्टर के मानव रहित संस्करण के साथ आने पर भी आश्वस्त हैं।
इन तस्वीरों में आपको पोर्श पनमेरा टर्बो का मॉडल समझ में न आया हो तो आप नीचे की इन तस्वीरों को देखकर इसके बारे में जान सकते हैं।


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