रोड माॅनिटरिंग सिस्टम से कम होंगे हादसे, आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने विकसित की खास तकनीक
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने यातायात प्रबंधन में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और तीखे मोड़ वाली सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करने के लिए एक स्मार्ट रोड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया है।

शोधकर्ताओं ने इस सिस्टम का पेटेंट भी हासिल कर लिया है। खतरनाक मोड़ों में धुंध, बर्फ और खराब मौसम में भी सामने से आने वाले वाहनों की संख्या, गति और दिशा की चेतावनी चालक को मिल जाएगी। इससे हादसों को टाला जा सकेगा। यह स्मार्ट रोड मॉनिटरिंग सिस्टम से संभव हो सकेगा।

विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं और यातायात को नियंत्रित करना और रोकना मैनुअल प्रणाली के लिए चुनौती बन जाता है। यातायात पुलिस का हस्तक्षेप और कॉन्वेक्स मिरर जैसी तकनीकें आम तौर पर सहायक होती हैं। हालांकि, इनका प्रबंधन बारिश, बर्फ, खराब मौसम जैसी गंभीर और चरम स्थितियों में मुश्किल हो जाता है।

इसका फायदा वाहनों में एक विशेष प्रकार का उपकरण लगाकर उठाया जा सकेगा। यह जीपीएस की तरह काम करेगा। प्रोटोटाइप की लागत 20 हजार रुपये से भी कम आई है। इसके व्यापारिक पहलुओं पर काम किया जा रहा है। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह तकनीक तीखे मोड़ों पर दुर्घटनाओं का खतरा कम करेगी। यातायात प्रबंधन में कर्मचारियों की तैनाती भी कम होगी।

यह सिस्टम मोड़ पर चेतावनी देने के साथ वाहनों की गिनती का काम भी करेगा। इसका एडवांस्ड वर्जन वाहन के भार का पता लगाने में सक्षम होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निगिं टूल्स लगाकर इस डाटा के उपयोग से यातायात प्रबंधन, सड़क के उपयोग, सिंगल लाइन सुरंगों से यातायात और प्रतिबंधित क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण किया जा सकता है।

पर्याप्त डाटा एकत्र होने के बाद ट्रैफिक जाम, यातायात में वृद्धि और डायवर्जन की चेतावनी भी दी जा सकती है। टीम के साथ एकमॉनिटरिंग सिस्टम ईजाद किया है। इसमें माइक्रो-इलेक्ट्रो-मेकेनिकल सिस्टम (एमईएमएस) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर गति का पता लगाने, वाहनों की संख्या जानने, सड़क के बेहतर नियंत्रण और उपयोग में मदद मिलेगी।


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