ICMR ने जारी की नई ट्रैवल एडवाइजरी, बिना कोरोना लक्षण के यात्रियों को टेस्ट जरूरी नहीं
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एक सलाह जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अंतरराज्यीय यात्रा के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि यह उन लोगों के लिए ही मान्य है जो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर COVID-19 परीक्षण प्रयोगशालाओं पर भार कम करने के लिए यह एडवाइजरी जारी की गई है।

ICMR ने एडवाइजरी में कहा कि RAT या RT-PCR टेस्ट में एक बार पॉजिटिव आए व्यक्ति का दोबारा टेस्ट नहीं किया जाना चाहिए। इससे कोविड-19 परीक्षण केंद्रों पर बादव कम होगा और टेस्ट रिपोर्ट समय पर दिया जा सकेगा। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि इससे यात्रियों के लिए अंतरराज्यीय यात्रा आसान होगी।

नए आदेश के अनुसार ऐसे व्यक्ति जिनमें कोरोना फ्लू के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं उन्हें कोरोना टेस्ट करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह नियम बस, ट्रेन और हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों पर लागू किया गया है।

ICMR ने गैर-आवश्यक अंतर्राज्यीय यात्रा से बचने की भी नसीहत दी है, विशेषकर ऐसे व्यक्ति को जिनमे कोविड या फ्लू जैसे लक्षण दिख रहे हैं। सभी यात्रियों को कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता होगी। इस बीच, कुछ राज्यों ने अभी भी लॉकडाउन के दौरान यात्रा करने के लिए ई-पास अनिवार्य किया हुआ हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की डिस्चार्ज नीति के अनुसार अस्पताल से छुट्टी के समय कोविड-19 रोगियों की भी परीक्षण करने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में, भारत में RT-PCR, TrueNAT, CBNAAT और अन्य प्लेटफार्मों सहित कुल 2,506 परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं, जहां तीन-शिफ्ट ऑपरेशन में देश में कुल मिलाकर रोज 15 लाख परीक्षण किए जा सकते हैं।

हर दिन भारी संख्या में मामलों के साथ, प्रयोगशालाओं पर समय पर परिणाम देने के लिए बड़ा दवाब है। ICMR ने परीक्षण बढ़ाने की भी सिफारिश की है और कहा है कि सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में इसकी अनुमति दी जा सकती है।


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