पेट्रोल और डीजल के बाद अब आएगा नए तरह का ईंधन, प्रदूषण पर लगाएगा लगाम

हुंडई मोटर कंपनी सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको (Aramco) और किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी के सहयोग से एडवांस ई-फ्यूल के शोध और विकास पर काम कर रही है। इस शोध का मुख्य लक्ष्य कम कार्बन उत्सर्जन वाले ईंधन को विकसित करना है। हुंडई मोटर ने इस प्रोजेक्ट पर रिसर्च के लिए अपने स्टेट ऑफ द आर्ट फैसिलिटी और किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी फ्यूल रिसर्च पावरहाउस को चुना है।

पेट्रोल और डीजल के बाद अब आएगा नए तरह का ईंधन, कम करेगा प्रदूषण

ई-फ्यूल से प्रदूषण होगा कम

कंपनी का दावा है कि ई-फ्यूल पर यदि यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो इससे पर्यावरण में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में बड़ी सफलता मिल सकती है। हुंडई का कहना है कि दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जा रहा है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिक कीमत और चार्जिंग नेटवर्क के आभाव से कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार धीमी है। ऐसे में ई-फ्यूल का उपयोग न केवल मौजूदा वाहनों के उपयोग को बनाए रखेगा बल्कि इसे प्रदूषण भी कम होगा।

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हुंडई मोटर कंपनी ने अपनी कार्बन न्यूट्रैलिटी 2045 परियोजना का खुलासा पहले ही कर दिया है। कंपनी का दावा है कि वह 2045 तक विश्वभर में पूरी तरह कार्बन न्यूट्रल कंपनी हो जाएगी। कंपनी ने क्लीन ट्रांसपोर्टेशन और गस्वच्छ ऊर्जा के श्रोतों को विकसित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

पेट्रोल और डीजल के बाद अब आएगा नए तरह का ईंधन, कम करेगा प्रदूषण

हाइब्रिड वाहनों के लिए बेहतर

कंपनी का कहना है कि हाइब्रिड कारों में पारंपरिक ईंधन के जगह ई-फ्यूल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा। हुंडई के अनुसार, ई-फ्यूल को भविष्य के ईंधन के तौर पर देखा जा रहा है। परिवहन प्रणाली में इस ईंधन के इस्तेमाल से कई देशों में गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या कम हो सकती है।

पेट्रोल और डीजल के बाद अब आएगा नए तरह का ईंधन, कम करेगा प्रदूषण

अगले दो वर्षों में, हुंडई मोटर ग्रुप, अरामको, और किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी एक नए तरह के उन्नत ईंधन पर अनुसंधान और संभावित रूप से विकसित करने के लिए सहयोग करेंगे। हुंडई मोटर समूह, अपने ऑटोमोटिव और प्रौद्योगिकी नेतृत्व के साथ, अनुसंधान दल द्वारा उपयोग के लिए एक अत्याधुनिक, अल्ट्रा-लीन-बर्न गैसोलीन इंजन प्रदान करेगा।

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स्वच्छ ईंधन पर यह परीक्षण किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी के क्लीन कम्बशन रिसर्च सेंटर (CCRC) में किया जाएगा। परीक्षण के सफल होने पर ई-फ्यूल के उत्पादन पर घ्यान केंद्रित किया जाएगा। कंपनियां बेहतर और अधिक टिकाऊ भविष्य प्राप्त करने के लिए स्वच्छ परिवहन और हरित ऊर्जा समाधान में निवेश करेंगी।

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Article Published On: Thursday, March 31, 2022, 16:50 [IST]
English summary
Hyundai motor carrying out research to develop e fuel details
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