Hyperloop: "बुलेट ट्रेन" का भी "बाप" है यह ट्रेन, 30 मिनट में तय होगी चेन्नई से बंगलुरू की यात्रा
भारत में पदार्पण करने के लिए हाइपरलूप ने बंगलौर और चेन्नई के रास्ते को चुना है।
अमेरिका की स्टार्टअप फर्म हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम हाई स्पीड की अभिलाषा को सच बनाने पर कार्य कर रहा है। कम्पनी ने अब इस कार्य के लिए भारत के चेन्नई को चुना है।

आपको बता दें कि हाइपरलूप वन एक ऐसी टेक्नोलॉजी पर कार्य कर रहा है जो पलक झपकते ही आपको एक शहर से दूसरे शहर में पहुंचा देगी। कम्पनी ने अपनी रूचि दिखाते हुए इस कार्य के लिए चेन्नई-बंगलुरू, मुम्बई-चेन्नई, मुम्बई-दिल्ली और तिरूअनंतपुरम-बंगलुरू रूट को शार्टलिस्ट किया है। उनका कहना है कि हाइपरलूप के लम्बी दूरी की यात्रा कुछ मिनट में कराई जा सकती है।

यह आइडिया एलोन मस्क का था और इसके साल 2014 में साकार करने का कार्य Shervin Pishevar ने हाइपरलूप कम्पनी की स्थापना करके की। हाइपरलूप को कंक्रीट खम्भों पर खड़े ट्यूब के माध्यम से 1,200किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ाए जाने की योजना है।

इस प्रोजेक्ट के लिए 500 इन्ट्रीज प्राप्त हुई थी जिनमें 80 देशों में 35 को शार्टलिस्ट किया गया है। भारत के अलावा यह अन्य एशियाई गलियारों जैसे- शंघाई-हांग्जो, पोर्ट-कनेक्टर और सियोल-बुसान के रास्तों को भी जोड़ने पर विचार कर रहा है।

हाइपरलूप की लिस्ट में यूरोप में आठ, अफ्रीका से एक, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और मध्य पूर्व से ग्यारह हो सकता है। हालांकि HTT अंतिम सूची की घोषणा मई 2017 में करेगा।

इस बारे में रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की परिकल्पना अच्छी है, लेकिन यह कई कारणों की वजह से बंद हो सकता है या कई साल लग सकते हैं। इस प्रोजेक्ट में सरकार की मंजूरी के बाद ही कुछ किया जा सकता है।

जानकारी के अनुसार HTT की पहली परियोजना दुबई में दुबई और अबू धाबी कनेक्ट करेगा। यह यात्रियों को 12 मिनट में यह 102 मील (164km) की दूरी की यात्रा कराएगा।


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