फैंसी नंबर प्लेट पर पुलिस की सख्ती: कहीं आपकी गाड़ी का भी न कट जाए 10,000 का चालान
26 अक्टूबर को हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस का 'फैंसी नंबर प्लेट' से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। दरअसल, पुलिस के X हैंडल ने एक यूजर से गाड़ी की सामने की फोटो मांग ली, जबकि फोटो में स्टाइलिश नंबर प्लेट पहले से ही साफ नजर आ रही थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने वह जवाब डिलीट कर दिया और नया पोस्ट डालकर साफ किया कि सिर्फ 'हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट' (HSRP) ही कानूनी रूप से मान्य हैं। त्योहारी सीजन से ठीक पहले घटे इस वाकये ने देश के बड़े शहरों में चल रही चेकिंग की तरफ सबका ध्यान खींच लिया है।
आखिर यह खबर आज क्यों मायने रखती है? दरअसल, डिलीट किए गए उस मैसेज ने नंबर प्लेट के सख्त नियमों को लेकर कुछ देर के लिए भ्रम जरूर फैला दिया था। हैदराबाद पुलिस ने हाल ही में चेतावनी दी है कि नंबर प्लेट से छेड़छाड़ या फर्जीवाड़ा करने पर सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि सीधे क्रिमिनल केस दर्ज हो सकता है। ऐसे में त्योहारों के दौरान अपनी गाड़ी को 'फैंसी' लुक देने की सोच रहे लोगों के लिए यह वायरल पोस्ट एक टाइमली अलर्ट है।

नंबर प्लेट के क्या हैं कानूनी नियम: HSRP, फोंट, साइज और रंग समझें
कानून के मुताबिक गाड़ी पर केवल हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगी होना अनिवार्य है। मोटर वाहन नियम 50 के तहत नंबर प्लेट एल्युमिनियम की होनी चाहिए जिस पर नीले रंग में IND लिखा हो। इन प्लेट्स पर क्रोमियम होलोग्राम और लेजर कोड होता है। इन्हें लगाने के लिए ऐसे स्नैप लॉक का इस्तेमाल होता है जिन्हें दोबारा यूज नहीं किया जा सकता। इसके अलावा गाड़ी की विंडस्क्रीन पर एक तीसरा स्टिकर भी लगाया जाता है। कारों के लिए नंबर प्लेट का साइज 340×200 या 500×120 मिमी तय है। वहीं नियम 51 के अनुसार, अक्षरों की ऊंचाई 65 मिमी, स्ट्रोक 10 मिमी और उनके बीच सही स्पेसिंग होनी चाहिए। आम गाड़ियों के लिए सफेद बैकग्राउंड पर काले अक्षर और ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए पीले बैकग्राउंड पर काले अक्षर अनिवार्य हैं। इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) के लिए हरा बैकग्राउंड होता है, जबकि हाइड्रोजन वाहनों के लिए ब्लू-ग्रीन प्लेट का प्रस्ताव है।
क्या होती हैं अवैध 'फैंसी/फ्लिप' प्लेट्स और कितना लगेगा जुर्माना?
अवैध नंबर प्लेटों में बदले हुए फोंट, अक्षरों के बीच कम जगह, रंगीन अक्षर और टिंटेड कवर शामिल हैं। इसके अलावा नंबर पर बोल्ट लगाना, निकनेम (उपनाम) लिखवाना, मुड़ने वाली या फ्लिप प्लेट्स लगाना भी उल्लंघन माना जाता है। विनाइल स्टिकर लगाना, टेप से नंबर छिपाना भी अवैध है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के नियमों में 'खराब/फैंसी/नंबर प्लेट न दिखने' पर 5,000 रुपये का चालान तय है। दोबारा पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगता है। नंबर प्लेट से छेड़छाड़ या फर्जीवाड़ा करने पर चालान के साथ क्रिमिनल धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। हैदराबाद पुलिस के अधिकारी इस साल यह चेतावनी जारी कर चुके हैं।
मेट्रो शहरों में सख्त पुलिसिंग: हैदराबाद, बेंगलुरु और मुंबई का हाल
हैदराबाद में पुलिस ने 20 अक्टूबर तक बीते आठ महीनों में फर्जी या छेड़छाड़ की गई प्लेट वाली 100 गाड़ियों को जब्त किया। इस साल अप्रैल में मलकजगिरी में चलाए गए एक अभियान के दौरान एक ही दिन में 450 मामले दर्ज किए गए थे। मार्च में बेंगलुरु पुलिस ने फर्जी प्लेट के मामले में एक लेम्बोर्गिनी कार जब्त की थी। वहीं, महाराष्ट्र पुलिस ने पिछले साल पूरे राज्य में अभियान चलाकर नाम लिखी प्लेटों और बिना HSRP वाली गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी।
त्योहारी सीजन में राइड से पहले गाड़ी मालिक जरूर कर लें ये क्विक चेक
रोड ट्रिप पर निकलने से पहले बस दो मिनट निकालकर यह जांच कर लें। प्लेट पर नीला IND, होलोग्राम और लेजर कोड जरूर देखें। यह भी सुनिश्चित करें कि स्नैप लॉक सही हो, सिंपल फोंट हो और प्लेट का साइज मानक के मुताबिक हो। नंबर प्लेट हमेशा सीधी हो और उस पर कुछ भी छिपा न हो। हरे रंग की प्लेट केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इस्तेमाल करें। भारी-भरकम जुर्माने, पुलिस चेकिंग और ऑटोमेटेड कैमरों की चालान से बचने के लिए नकली प्लेट बदलकर केवल अधिकृत वेंडर या मैन्युफैक्चरर के जरिए ही असली HSRP लगवाएं।


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