Tips For Max Mileage From Two-Wheelers: बढ़ाएं बाइक की माइलेज कम करें प्रदूषण, अपनाएं यह टिप्स
दुनिया में बढ़ता वायु प्रदूषण सभी के लिए चिंता का विषय है। कल-कारखानों और वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण हमारे पर्यावरण सो सबसे अधिक दूषित करता है। हमने देखा होगा कि लॉकडाउन के दौरान हवा में प्रदूषण का स्तर काफी नीचे चला गया था। कई शहरों में जहां प्रदूषण के कारण हमेशा धुंध रहती थी वहां हवा बिलकुल साफ हो गई। इससे पता चलता है कि हम अपने पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं।

आज विश्व पर्यावरण दिवस के दिन हम आपको बताएंगे कुछ आसान तरीके जिससे आप अपने बाइक में ईंधन की बचत कर पर्यावरण को दूषित होने से बचा सकते हैं।
1. एक ही रफ्तार पर चलाएं बाइक
आपके वाहन से प्रदूषण तब कम होगा जब ईंधन की खपत कम हो। इसके लिए जरूरी है की आप एक ही रफ्तार पर गाड़ी चलाएं। ज्यादा तेज या ज्यादा धीमे ड्राइविंग करने से इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है जिससे ईंधन की खपत अधिक होती है। बार-बार ब्रेक लगाने से या अचानक बाइक की स्पीड बढ़ाने से भी ईंधन की खपत बढ़ती है।

2. नियमित करें टायर प्रेशर की जांच
अगर इंजन की कार्यक्षमता को बनाये रखना है तो नियमित रूप से टायर प्रेशर की जांच करनी चाहिए। टायर में हवा कम होने से इंजन को वाहन को आगे बढ़ाने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है। वाहन में हमेशा कंपनी द्वारा निर्देशित टायर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ध्यान रखने वाली बात है कि टायर की चौड़ाई, मोटाई और ग्रिप भी कंपनी द्वारा अनुमोदित होना चाहिए।

3. ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन करें बंद
ट्रैफिक सिग्नल पर अगर 30 सेकंड से ज्यादा रुकना पड़े तो इंजन बंद करने की आदत डालें। यह एक सामान्य लेकिन प्रदूषण को काम करने में कारगर उपाय है। एक अनुमान के अनुसार सालाना कई लीटर ईंधन ट्रैफिक सिग्नल में खड़े-खड़े बर्बाद होता है। ट्रैफिक सिग्नल में इंजन बंद करने से न सिर्फ तेल की बचत होगी बल्कि आपके पसे भी बचेंगे।

4. बाइक का रखें ख्याल
बाइक हो या स्कूटर अगर देखभाल समय पर किया जाए तो यह हमेशा आपको बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी देगी। इसके लिए जरूरी है कि एक निश्चित समय पर बाइक या स्कूटर के इंजन आयल को बदलें, साथ ही ब्रेक फ्लूइड, चेन और ब्रेक सहित अन्य पुर्जों की भी समय पर देखभाल करें। बाइक की समय पर सर्विसिंग कराएं ताकि सभी कल पुर्जे ठीक से काम करें।

5. बाइक के उत्सर्जन की करें जांच
प्रदूषण कम करने के लिए यह भी जरूरी है कि बाइक से हो रहे कार्बन उत्सर्जन की भी समय पर जांच कराइ जाए। तय नियामक से अधिक उत्सर्जन होने पर बाइक की इंजन की जांच कराएं या कंपनी के आधिकारिक सर्विस सेंटर पर बाइक के कार्ब्युरेटर और स्पार्क प्लग को साफ कराएं।

इस बात का ध्यान रखें की तेल में कोई मिलावट न हो, इसलिए तेल हमेशा आधिकारिक फ्यूल पंप पर ही डलवाएं। हर छह महीने में एक बार बाइक के कार्बन उत्सर्जन की जांच करनी चाहिए।


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