Global NCAP क्रैश टेस्ट में बर्बाद हुई कारों का खर्च कौन उठाता है? कैसे होता है टेस्ट के लिए कारों का चुनाव?
कार सेफ्टी आज भी भारत में बहुत से लोगों के लिए बड़ा मुद्दा नहीं है, क्योंकि भारतीय ग्राहक कार को किफायती कीमत पर खरीदना चाहते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में कार सेफ्टी को लेकर लोगों के बीच जागरूकता आई है और लोग सुरक्षित कारों की बढ़ रहे हैं। भारतीय लोगों के बीच इस जागरूकता को पैदा करने में Global NCAP ने एक अहम भूमिका निभाई है।

Global NCAP द्वारा आयोजित क्रैश टेस्ट और उसके बाद की रेटिंग ने जागरूकता पैदा करने में योगदान दिया है। क्रैश टेस्ट और सुरक्षा मापदंडों के परिमाणीकरण के वीडियो साक्ष्य के साथ, उपभोक्ता कार सुरक्षा के महत्व को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम हुए हैं।

कैसे काम करता है Global NCAP?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह एक निजी, स्वतंत्र संगठन है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में इसे लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं, इसलिए अधिक पारदर्शिता लाने के लिए Global NCAP ने स्वैच्छिक परीक्षण प्रक्रिया के तहत परीक्षण के लिए कारों की खरीद की पूरी प्रक्रिया का खुलासा किया है।

इसके तहत निर्माता से अनुरोध मिलने पर Global NCAP की परीक्षण प्रक्रिया शुरू की जाती है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक प्रक्रिया है जिसमें एक कार निर्माता परीक्षण के लिए एक विशिष्ट मॉडल के लिए कहता है। लेकिन इसमें सबसे अहम होता है किसी भी कार का चुनाव करना।

कार निर्माता की ओर से किसी भी प्रकार के हेरफेर से बचने के लिए, कार को Global NCAP द्वारा चुना जाता है। यदि कार पहले से ही बिक्री के लिए उपलब्ध है, तो Global NCAP इसे किसी भी डीलरशिप से गुमनाम तरीके से बेतरतीब ढंग से क्रैश टेस्ट के लिए मंगा सकता है।

उत्पादन में होने वाली कारों के लिए, जो अभी तक लॉन्च नहीं की गईं हैं, इसे सीधे प्लांट से रैंडम तौर पर चुना जाता है। यह चयन इस प्रकार किया जाता है कि उत्पादित कारों की किसी विशेष श्रृंखला से बचा जा सके। क्रैश टेस्ट के दौरान पार्दर्शिता के लिए Global NCAP द्वारा कार निर्माता के प्रतिनिधि को भी बुलाया जाता है।

क्रैश टेस्ट के बाद विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद, रिपोर्ट तैयार की जाती है और निर्माता के साथ साझा की जाती है। Global NCAP क्रैश परीक्षणों के परिणामों पर चर्चा करने के लिए निर्माता के साथ बैठक करता है। रिपोर्ट को बाद में Global NCAP के संचार चैनलों पर प्रकाशित किया जाता है। लेकिन एक सवाल यह भी उठता है कि क्रैश टेस्ट में इस्तेमाल की जाने वाली कारों का खर्च कौन उठाता है।

कार निर्माता उठाते हैं इन कारों का खर्च
आपने क्रैश टेस्ट के कई वीडियो देखें होंगे, जिसमें आपने देखा होगा कि क्रैश टेस्ट में कई कारों का इस्तेमाल किया जाता है और इस दौरान वह पूरी तरह से बर्बाद हो जाती हैं। एक बार क्रैश टेस्ट पूरा होने के बाद,Global NCAP निर्माता को इनवॉइस भेजता है। इनवॉइस में क्रैश टेस्ट करने से संबंधित सभी प्रासंगिक खर्च सूचीबद्ध होते हैं। इसके बाद निर्माता द्वारा इनकी प्रतिपूर्ति की जाती है।


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