होंडा ने बेंगलुरू में की बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की शुरूआत, ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए नहीं लगेगी लंबी कतार
होंडा ग्रुप की सहायक कंपनी होंडा पॉवरपैक एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (HEID) ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के सहयोग से देश में अपनी पहली बैटरी स्वैपिंग सर्विस की शुरूआत की है। यह सर्विस 6 अगस्त से हिंदुस्तान पेट्रोलियम के स्टेशनों पर शुरू की गई है।

होंडा ने भारत में बैटरी स्वैप सर्विस की योजना का खुलासा नवंबर 2021 में किया था जिसके बाद से ही कंपनी इसे व्यावहारिक बनाने पर काम कर रही थी। वर्तमान में, बैटरी स्वैप सर्विस केवल ई-रिक्शा चालकों को प्रदान की जाएगी ताकि वे निकटतम बैटरी स्टेशनों पर रुक कर डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज की गई बैटरी से बदल सकें।

होंडा का कहना है कि इस सर्विस के शुरू होने से इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की प्रारंभिक कीमत में कमी आएगी। चूंकि इलेक्ट्रिक रिक्शा चालकों को स्वैप स्टेशन पर ही बैटरी उपलब्ध हो जाएगी इसलिए उन्हें रिक्शा को बैटरी के साथ खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इससे इलेक्ट्रिक रिक्शा को खरीदना किफायती हो जाएगा।

होंडा शुरुआत में इस सर्विस को बेंगलुरु में शुरू करने जा रही है। इस बैटरी सर्विस मॉडल के सफल होने के बाद इसे अन्य महानगरों में लॉन्च किया जाएगा। होंडा और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने फरवरी 2022 में एक समझौता ज्ञापन और वाणिज्यिक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों कंपनियों ने भारत में ई-मोबिलिटी में तेजी लाने के लिए एक साझा उद्देश्य के लिया समझौता किया है।

होंडा ने पहले ही बेंगलुरु में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के रिटेल आउटलेट्स के बीच रणनीतिक स्थानों पर अपना बैटरी एक्सचेंजर (होंडा पावर पैक एक्सचेंजर e:) स्थापित कर लिया है और इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा के लिए अपना संचालन शुरू कर दिया है।

होंडा का कहना है कि कंपनी 2023 तक अकेले बेंगलुरु में 70 से अधिक स्टेशनों के साथ भारत में सबसे बड़ा बैटरी स्वैप नेटवर्क स्थापित करना चाहती है। इसके अलावा, प्रतिक्रिया के आधार पर अन्य प्रमुख भारतीय शहरों में सेवाओं का विस्तार करने की रणनीति है।

बता दें कि मारुति सुजुकी के तर्ज पर होंडा ने भी हाल ही में अपना पहला ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है। होंडा इंडिया की सहायक संस्था होंडा इंडिया फाउंडेशन ने हरियाणा के करनाल ने यह केंद्र खोला है जहां हर तरह के वाहनों को चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

होंडा इंडिया फाउंडेशन का पहला इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) 9.25 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। यह वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए ट्रेनिंग कोर्स प्रदान करेगा जिसमें सैद्धांतिक, व्यावहारिक और सिम्युलेटर-आधारित प्रशिक्षण शामिल हैं। इसके अलावा, कॉरपोरेट्स और फ्लीट मालिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे।


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