हिमाचल प्रदेश में 2030 तक सभी वाहन होंगे इलेक्ट्रिक, राज्य सरकार का फैसला
हिमाचल प्रदेश सरकार जल्द ही अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाएगी। हिमाचल सरकार ने कहा है कि वर्ष 2030 तक हम ई-वाहनों के उपयोग में एक आदर्श राज्य बन कर उभरेंगे।

राज्य के मुख्य सचिव डॉ श्रीकांत बाल्दी के अध्यक्षता में इलेक्ट्रिक वाहन नीति का प्रारूप तैयार करने के लिए बैठक बुलाई गई। बैठक के दौरान बाल्दी ने कहा कि केंद्र सरकार के दृष्टिकोण पर चलते हुए हिमाचल में वर्ष 2030 तक शत प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

इस नीति को लोगों द्वारा हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने व रोजगार के नए अवसरों को सृजित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि ई-वाहनों के प्रयोग में प्रदेश को एक आदर्श राज्य के रूप में पहचान मिले।

उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य सयुंक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्यों और केंद्र सरकार के दृष्टिकोण पर चलते हुए वर्ष 2030 तक 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग सुनिश्चित करना है।

इस नीति के तहत चार्जिंग के लिए निजी एवं सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को विकसित किया जाएगा। होटल तथा शॉपिंग मॉल जैसे व्यवसायिक जगहों पर चार्जिंग स्पॉट बनाये जाएंगे।

मुख्य सचिव ने बताया कि पुरे प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए बिजली की घरेलु दर ही वसूली जाएगी। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर भी बिजली की नॉन -कमर्शियल दरें ही लागू होंगी।

हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग समय-समय पर इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशनों की बिजली दरों को निर्धारित करने वाला अंतिम प्राधिकरण होगा। राज्य नोडल एजेंसी सार्वजनिक व्यवसायिक चार्जिंग स्टेशनों पर सेवा शुल्कों की दरों को निर्धारित करेगी।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने नोडल एजेंसियों को प्रमुख सड़कों पर चार्जिंग स्टेशनों के संभावनाओं को तलाशने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना भी है। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े बैटरी और सम्बंधित कल-पुर्जों के निर्माण को भी प्रोत्साहन देगी।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमे इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास, निर्माण तथा इससे सम्बंधित उद्यमियों को समय-समय पर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

ड्राइवस्पार्क के विचार
राज्य में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों का प्रयोग पूरी तरह बंद कर के हिमाचल सरकार प्रदूषण नियंत्रण करने में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकती है। हलांकी केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक कुल मोटर वाहनों में 30 प्रतिशत इलेक्टिक वाहनों की हिस्सेदारी की संख्या निर्धारित की है। हिमाचल सरकार को एक दशक के निर्धारित समय सीमा के अंदर मूलभूत संरचनाओं को खड़ा करने में काफी तेज गति से कार्य करना होगा। साथ ही प्रदेश में जनता को ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग के लिए जागरूक भी करना होगा।


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