देश में नवंबर 2021 तक राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1.40 लाख किलोमीटर- नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि नवंबर के अंत तक भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर लगभग 1,40,937 किमी हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत भर में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई अप्रैल 2014 में लगभग 91,287 किमी से बढ़कर इस साल नवंबर के अंत तक लगभग 1,40,937 किमी हो गई है।

गडकरी ने यह भी कहा कि 2014-15 के दौरान इस साल नवंबर के अंत तक, लगभग 82,058 किलोमीटर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान लगभग 68,068 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है।

उन्होंने राज्यसभा में कहा कि लगभग 1,13,000 करोड़ की लागत से लगभग 4,970 किलोमीटर में फैली 49 परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति के विभिन्न चरणों में हैं और इन्हें 2023-24 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

गडकरी ने आगे कहा कि MoRTH ने लगभग 3.6 लाख करोड़ के कुल निवेश के लिए अतिरिक्त 27 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे या एक्सेस-नियंत्रित राजमार्गों की अवधारणा शुरू की है।

गडकरी ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व बैंक ऋण सहायता के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग इंटरकनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (एनएचआईआईपी) के तहत 1,100 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं में से लगभग 990 किलोमीटर के राजमार्ग का निर्माण लगभग 5,565 करोड़ रुपये की कुल लागत के साथ पूरा कर लिया गया है।

फास्टैग (FAStag) के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस साल 11 दिसंबर तक, FASTag के माध्यम से कुल टोल प्लाजा शुल्क का लगभग 96-97 प्रतिशत एकत्र किया जाता है। वर्ष 2020-21 में, भारत भर में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के टोल प्लाजा पर 2020-21 में 27,744.15 करोड़ रुपये का टोल शुल्क एकत्र किया गया था।

केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमसी) की मदद से देश की सड़क सुरक्षा को मजबूत कर रही है। यह तकनीक सीमा से ज्यादा पर चलने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाएगी और राजमार्गों पर होने वाले हादसों में कमी लाएगी।

इसके अलावा सभी राष्ट्रीय राजमार्गों का रोड सेफ्टी ऑडिट भी कराया जा रहा है। इसके तहत राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट हटाए जा रहे हैं। वर्तमान में 4,500 ब्लैक स्पॉट की पहचान हो चुकी है। इसमें एक हजार को ठीक करने का काम चल रहा है और पूर्व में 2500 ब्लैक स्पॉट को ठीक किया जा चुका है।

देश में यात्रा में लगने वाले समय को कम करने के लिए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी हाईवे पर वाहनों की रफ्तार को बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वे जल्द ही हाईवे और एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट को बढ़ाने के लिए संसद में बिल पेश करेंगे।

गडकरी ने कहा कि जहां राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार लेन वाली सड़कों पर गति सीमा कम से कम 100 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए, वहीं दो लेन की सड़कों और शहर की सड़कों के लिए गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा और 75 किमी प्रति घंटा तक की जा सकती है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वर्तमान में देश, प्रदूषण और अर्थव्यस्था की वजह से परेशानियों से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम पर भारत सरकार का इम्पोर्ट बिल फिलहाल 8 लाख करोड़ रुपये सालाना है जो पांच साल के भीतर बढ़कर 25 करोड़ रुपये हो जाएगा। हम पेट्रोल और डीजल वाहनों के इस्तेमाल से प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं जिससे हमें बचने की जरूरत है।


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