हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बिना नहीं होगा वाहन का रजिस्ट्रेशन, सरकार ने दिया आदेश
वाहनों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है और इसके लिए नए नए नियम लागू किये जा रहे है। हाल ही में सरकार ने वाहनों में एबीएस जैसे फीचर लगाए जाने अनिवार्य कर दिए थे और अब सरकार ने एक और निर्देश दिया है।

अगर आप जल्द ही वाहन खरीदने वाले है तो सावधान हो जाइये क्योंकि अब भारत सरकार ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाहन में लगे होने अनिवार्य कर दिए है। कुछ समय पहले वाहनों में यह लगाने पर विचार किया जा रहा था।

हाल ही में भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय ने निर्देश दिए है कि अगर नई वाहनों में कंपनी या डीलरशिप द्वारा अगर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगे होंगे और वाहन सरकार के वाहन डेटाबेस नहीं कनेक्टेड होंगे तो वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

इस नियम को अप्रैल में ही लागू कर दिया गया था लेकिन कुछ वाहन निर्माता कंपनियां इस नियम का पालन नहीं कर रही थी। इसलिए परिवहन मंत्रालय ने यह निर्देश जारी किया है तथा इस नियम का कड़ाई से पालन किये जाने के निर्देश दिए है।

1 अप्रैल से नई वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के पीछे मंशा यह थी किदेश भर के वाहनों के डेटाबेस इंटरनेट में ही उपलब्ध हो तथा भारत में सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जा सके। इससे सड़क से जुड़े किसी भी प्रकार की घटना को सुलझाने में भी आसानी होगी।

परिवहन मंत्रालय द्वारा कहा गया था कि नई वाहन में निर्माता कंपनी द्वारा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाया जाना है तथा डीलर्स के द्वारा उसमें रजिस्ट्रेशन का चिन्ह लगाया जाएगा। इसके बाद ही नई वाहनों की डिलीवरी किया जाना है।

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की बात करें तो इसके कई लाभ है, इसे डुप्लीकेट नहीं किया जा सकता है तथा यह रात में भी देखा जा सकता है। यह आम नंबर प्लेट से बेहतर होता है तथा यह एल्युमिनियम का बना होता है।

इस नंबर प्लेट में बाएं तरह इंडिया लिखा होता है तथा इसके साथ ही एक होलोग्राम लगा होता है। इसमें लेजर से नंबर लिखे जाते है तथा सात अंक की आईडी दी जाती है। यह नंबर प्लेट वाहन में एक बार लगने के बाद उसे निकालना मुश्किल होता है।

इसके साथ हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पर वाहन में इस्तेमाल होने वाले फ्यूल के हिसाब से कलर कोडिंग की जायेगी। इसमें इंजन व चेसिस नंबर की भी जानकारी उपलब्ध रहेगी तथा आसानी से इसे हटाया नहीं जा सकता है।

नई वाहनों लगे नंबर प्लेट पर पांच साल की वारंटी दी जायेगी तथा कुछ हो जाने पर भी इसे सही कराने के लिए अतिरिक्त पैसे भी नहीं देने पड़ेंगे। हालांकि पुराने वाहनों में यह नंबर प्लेट लगाने के लिए क्या करना होगा इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आयी है।

परिवहन मंत्रालय वर्तमान में वाहन डेटाबेस को अपडेट कर रही है तथा अधिक स्थानों पर वाहन पोर्टल उपलब्ध नहीं होने के कारण इस पर कुछ समय के लिए छूट मिली थी। इस वजह से इस नियम का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा था।

अब इस नियम का पालन करने के लिए सभी राज्य के परिवहन विभाग, वाहन परीक्षण एजेंसियो, ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर एसोसिएशन व ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन को निर्देश दे दिए गए है। उम्मीद है कि इस नियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

हाल ही में मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने नई वाहन के साथ दो नई हेलमेट नहीं लेने पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं करने के निर्देश दिए थे। रजिस्ट्रेशन के दौरान दो नई हेलमेट की खरीदी की पर्ची होने पर ही नई वाहन का रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया था।

ड्राइवस्पार्क के विचार
नई वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाया जाना अप्रैल से अनिवार्य कर दिया गया है। यह भारत में सभी वाहनों का डेटाबेस एक जगह रखने के लिए किया गया है ताकि जरूरत पड़ने किसी भी वाहन की जानकारी प्राप्त हो जाए।


Click it and Unblock the Notifications