जरूर जानें • हेल्मेट से जुड़ी कुछ रोचक बातें
बाइक राईडिंग लगभग हर युवा को बेहद पसंद आता है, हर रफ्तार से बातें करता हवा में उड़ना चाहता है। जहां तक बात बाइक राईडिंग की है रफ्तार के इस खेल में हेल्मेट की भी महत्वर्पूण भूमिका होती है। हेल्मेट न केवल तेज धूप, धूल या फिर दुर्घटना से आपकी रक्षा करता है बल्कि ये आपके भीतर एक गजब का राईडिंग पैसन भी पैदा करता है।
आप भी अपने दैनिक जीवन में हेल्मेट का बखूबी प्रयोग करते होंगे लेकिन क्या आपके जेहन में ये सवाल कभी आया है कि दुनिया में हेल्मेट के प्रयोग की शुरूआत आखिर कैसे हुई थी। या फिर पहली बार हेल्मेट का प्रयोग कहां और किसने किया था? हो सकता है कि आपने कभी इन सवालों पर गौर न किया हो लेकिन हम आज आपको अपने इस लेख में हेल्मेट से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारें में बतायेंगे तो फिर आइये तस्वीरों के माध्यम से जानते हैं हेल्मेट के बारें में।

हेल्मेट करता क्या है ?
हेल्मेट की असली अहमियत दुर्घटना के समय ही पता चलती है। हालांकि बहुत ऐसे लोग भी है जो कि हेल्मेट पहनने से बचते हैं। लेकिन आपको बता दें कि हेल्मेट से बेहतर कोई दूसरा सुरक्षा कवच नहीं है। दुर्घटना के दौरान ये आपके सिर और चेहरे की पूरी सुरक्षा करता है। एक शोध के अनुसार हेल्मेट सिर की गंभीर चोटों में लगभग 69 प्रतिशत और लगभग 42 प्रतिशत मौतों को कम करता है।

कब और कहां अस्तित्व में आया हेल्मेट
हेल्मेट के प्रयोग के दौरान ये सवाल दिमाग में आना एक सामान्य सी बात है। दुनिया में पहली बार सन 1914 के दौरान हेल्मेट अस्तित्व में आया था। इस समय इंग्लैंड में हो रहे मोटरसाइकिल रेसों के दौरान डा एरिक गार्डनर ने ध्यान दिया कि रेस के दौरान बहुत से चालक सिर में लगने वाले चोटों से परेशान थें। जिसके बाद वो श्री मोस के पास गयें जहां उन्होनें एक ऐसे कैनवास मटैरियल से बनने वाले कवर की बात की जो हल्का हो और सिर की सुरक्षा भी करे।

इसे किस प्रकार स्विकार किया गया
गार्डनर इस डिजाइन को लेकर ऑटो साइकिल युनियन के पास गयें, जहां पर हेल्मेट के इस आइडिया को खास तवज्जो नहीं दी गई। लेकिन बाद में आईस ऑफ मैन टीटी के रेसों में हेल्मेट को अनिवार्य कर दिया गया। इस रेस के दौरान बहुत से चालकों ने हेल्मेट पहनने से इंकार कर दिया। लेकिन गार्डनर अपने साथ 94 हेल्मेट लेकर गयें जिसे कुछ चालकों ने पहना। उनमें से एक चालक दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन हेल्मेट के कारण उसके सिर में चोट नहीं लगी।

हेल्मेट और मोटरस्पोर्ट
इतने लंबे प्रयास के बाद सन 1950 में फुल फेस हेल्मेट को मोटरस्पोर्ट में महत्वपूर्ण एक्यूपमेंट के रूप में रखा गया। जिसके बाद सन 1954 में बेल नामक कंपनी ने पहली मोटर रेसिंग हेल्मेट का उत्पादन किया।

मिलिट्री में हेल्मेट का प्रयोग
लॉरेंस ऑफ अरेबिया के मौत के बाद मिलिट्री और सामान्य नागरिकों दोनों में हेल्मेट का चलन बढ़ा। जिसके बाद हर कोई वाहन चलाते समय हेल्मेट का प्रयोग करने लगा।

कितने प्रकार के हेल्मेट
हेल्मेट बहुत प्रकार और डिजाइन के आते हैं, जिनमें फुल फेस, फ्लीप अप, ओपेन फेस और हॉफ हेल्मेट प्रमुख है। इनमें से फुल फेस चालक के सिर को सबसे ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है।

आधुनिक समय के हेल्मेट
आधुनिक समय में प्लास्टिक के हेल्मेट का निर्माण किया जाता है। जिसके भीतर पॉलिस्ट्रीन फायबर का प्रयोग किया जाता है जो आराम के साथ ही चालक को सुरक्षा भी प्रदान करता है।

कैसे चुने अच्छे साइज का हेल्मेट
हेल्मेट का साईज और फिटिंग इसकी सुरक्षा को और भी मजबूत बना देता है। यदि आप अपने साईज से बड़े या छोट हेल्मेट का प्रयोग करते है तो आपको वाहन चलाने में असुविधा होगी जो खुद बखुद दुर्घटना का कारण बन सकती है।

बेहतरीन हेल्मेट का चुनाव
अलग अलग देशों में स्टैंडर्ड उत्पादों के अलग-अलग मानक है। वहीं भारत में ब्यूरो ऑफ स्टैंडर्ड बीआईएस द्वारा प्रमाणित हेल्मेट का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा डीओटी और ईसीई प्रमाणित हेल्मेट का प्रयोग भी आप कर सकते हैं।

कितनी होती है हेल्मेट की उम्र
सामान्यत: हेल्मेट लगभग 5 वर्षो तक आपके सिर की सुरक्षा कर सकती है। लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि यदि आपके हेल्मेट से कभी दुर्घटना हो चुकी है तो भविष्य में उस हेल्मेट में उतनी मजबूती नहीं रह जाती है। अत: समय रहते उसे बदल दें।

हेल्मेट का प्रयोग अनिवार्य
यदि आप वाहन चलाते हैं तो हेल्मेट पहनना ना भूले, ये आपके भलाई के लिये ही होता है। हमारे देश में बिना हेल्मेट के वाहन चलाना एक दंडनीय अपराध माना जाता है और इस नियम का पालन ना करने पर फाइन लगाया जाता है।

अच्छे ब्रांड के हेल्मेट
हालांकि भारतीय बाजार में बहुत से ब्रांड उपलब्ध हैं, लेकिन स्टड, एलएस2, बेल, जैसे कुछ महत्वपूर्ण ब्रांड भारतीय बाजार में उपलब्ध हैं।

फुल फेस हेल्मेट जरूरी
याद रखें, यदि आप किसी महंगे ब्रांड का हेल्मेट का प्रयोग करते हैं और वो आपके पूरे चेहरे को कवॅर नहीं करता है तो ये आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकता है। प्रयास करें कि आप फुल फेस का ही हेल्मेट प्रयोग करें।

हाल ही में देश के कई राज्यों में हेल्मेट को अनिवार्य कर दिया गया है। कुछ राज्यों में एक कदम आगे बढ़ते हुए पीछे के यात्री के लिए भीहेल्मेट जरूरी कर दिया गया है। हाल ही में मध्यप्रदेश में बाइक की खरीदी पर 2हेल्मेट खरीदना जरूरी हो गया है वरना बाइक का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।

बाजार में तीन तरह केहेल्मेट उपलब्ध कराये जाते है। हेल्मेट फूल फेस, ओपन फेस व मॉड्यूलर तीन प्रकार के होते है,जिसमें से फूल फेसहेल्मेट ही सबसे सुरक्षित होता है। हमेशा फूल फेसहेल्मेट का ही प्रयोग करें।


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