Helmet for Hope: सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र और भारत ने मिलाया हाथ, जानें डिटेल्स

भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहयोग से देश में हेलमेट जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना बना रही है। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियांं की जा रही हैं। जहां संयुक्त राष्ट्र विभिन्न देशों में सक्रिय रूप से हेलमेट सुरक्षा को बढ़ावा दे रहा है और अब भारत में एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है।

सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए दुनिया भर में कई उपाय किए जा रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों को दुर्घटनाओं में चोट लगने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में इन मौतों की संख्या को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

Helmet

हेलमेट फॉर होप अभियान: संयुक्त राष्ट्र महासचिव जीन डोल और स्टीलबर्ड हेलमेट के एमडी राजीव कपूर ने वैश्विक स्तर पर हेलमेट जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस अभियान को हेलमेट फॉर होप कहा जा रहा है। इस अभियान के कई देशों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

इस जागरूकता अभियान में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि दुनिया भर में दोपहिया वाहनों और साइकिलों पर यात्रा करने वाले लोगों को हेलमेट जरूर पहनना चाहिए। इस पहल के तहत सड़क सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए जा रहें हैं।

Full face helmet

वैश्विक और स्थानीय प्रयास: 2023 में शुरू होने वाले इस अभियान का लक्ष्य 80 देशों के 1,000 शहरों तक पहुंचना है। इस अभियान में परिवहन वाहनों और सोशल मीडिया पर विज्ञापनों सहित कई मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किए जाने की योजना बनाई गई है।

पहुंच बढ़ाने के लिए स्थानीय हस्तियां भी इसमें भाग लेंगी। इसके अलावा, टीम विभिन्न गतिविधियों का संचालन करने और हेलमेट वितरित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ भी काम कर रही है।

बता दें कि अभी तक कांगो, मिस्र, घाना, केन्या, मेडागास्कर, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा और वियतनाम सहित 40 से अधिक देशों में एक लाख से अधिक हेलमेट वितरित किए गए हैं।

फिलहाल यह ग्रुप केंद्र सरकार के साथ मिलकर भारत में अभियान चलाने की योजना बना रहा है। भारत में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कानून ऐसी पहलों में सहायता करते हैं।

इसका उपयोग करते हुए अमेज़न, ओला, उबर जैसी कंपनियां दोपहिया वाहनों के माध्यम से डिलीवरी व्यवसाय कर रही हैं, इसलिए वे यह नियम लागू करने की कोशिश कर रही हैं कि उन दोपहिया वाहनों के चालकों को भी हेलमेट पहनना होगा।

हेलमेट के उपयोग का प्रभाव: न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में सिर की चोट मौत का प्रमुख कारण है। दुनिया भर के 174 देशों में से केवल 54 देशों में अनिवार्य हेलमेट कानून हैं और उन देशों में भी इसका पालन बहुत कम है।

एक सर्वे में बताया गया है कि जिन देशों में यह कानून लागू है, वहां भी 47 फीसदी लोग ठीक से हेलमेट नहीं पहनते हैं। इन सभी गणनाओं के आधार पर संयुक्त राष्ट्र ने हेलमेट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल की है।

ड्राइवस्पार्क: भारत में दोपहिया वाहनों का उपयोग बहुत ज़्यादा है, इसलिए यहां हेलमेट के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। लेकिन आज भी कई हिस्सों में हेलमेट का इस्तेमाल ज्यादा नहीं होता हैं। ऐसे में यह पहल हेलमेट के उपयोग और सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में सही कदम है।

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Article Published On: Wednesday, June 12, 2024, 18:35 [IST]
English summary
Helmet for hope campaign un and india join forces to promote road safety
Read more on #off beat #india
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