35 किलोमीटर के हाई-वे ने ली 900 लोगों की जानें, इस रास्ते पर जानें से पहले आप भी रहें सावधान
देश में लगातार एक्सप्रेस-वे, हाई-वे और सड़कों का विस्तार होता जा रहा है। लेकिन हाल ही में सामने आए सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि हापुड़ और मुरादाबाद के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के 35 किलोमीटर के हिस्से ने साल 2017 और साल 2021 के बीच 272 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।

बृजघाट टोल प्लाजा के तहत यह टोल रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर पड़ता है। बता दें कि PTI की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सड़क दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अंदरूनी हिस्सों या उत्तराखंड के नैनीताल की ओर जाने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।

नोएडा के सामाजिक कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर एक प्रश्न के उत्तर में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा डेटा का खुलासा किया गया है। NHAI ने कहा कि इस खंड के निर्माण की कुल परियोजना लागत 195.51 करोड़ रुपये थी।

इस राजमार्ग ने साल 2017 और नवंबर 2021 के बीच इस खंड से 272 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की है। लेकिन सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इस राजमार्ग पर 35 किमी की लंबाई में इसी अवधि के दौरान कुल 900 लोगों की मौत भी हुई है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बताया कि बृजघाट टोल प्लाजा क्षेत्र में साल 2018-19 में सड़क हादसों में 136 लोगों की मौत हुई। साल 2019 से साल 2020 में यह संख्या 184 और साल 2020 से साल 2021 के बीच में इस राजमार्ग पर 326 लोगों की जान गई है।

जानकारी के अनुसार दायर की गई RTI में पिछले दस वर्षों के लिए मौत के आंकड़े मांगे गए थे, इस जवाब में NHAI ने कहा कि उसके पास साल 2017-18 और उससे पहले का कोई रिकॉर्ड नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में मौतों की खतरनाक संख्या बढ़ी है।

इसके बावजूद NHAI ने दावा किया कि उसके पास 35 किमी की सड़क पर क्षतिग्रस्त या खराब सड़क की स्थिति से संबंधित शिकायतों की संख्या का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसलिए बृजघाट टोल प्लाजा के तहत इस खंड की मरम्मत के लिए अलग से कोई बजट आवंटित नहीं किया गया है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बृजघाट टोल प्लाजा में एक दिन में 60,000 वाहनों को संभालने की क्षमता है और आंकड़ों के अनुसार मार्च 2017 में इस टोल प्लाजा पर 46,360 वाहनों का दैनिक यातायात था।

बता दें कि हाल ही में जानकारी सामने आई थी कि दिल्ली और लखनऊ के बीच सफर करने का समय अब जल्द ही कम होने वाला है। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी थी कि दोनों शहरों को जोड़ने वाले 554 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे की परियोजना पर काम जल्द ही शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर दोनों शहरों के बीच की दूरी केवल साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। दिल्ली और लखनऊ वर्तमान में यमुना और ताज एक्सप्रेसवे के माध्यम से जुड़े हुए हैं। मौजूदा समय में दोनों शहरों के बीच सफर करने में 7 घंटे से थोड़ा अधिक समय लगता है।


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