एक्सीडेंट में खो दिया था पैर, अब एक पैर से 10 घंटे में पूरा किया 165 किलोमीटर का सफर
दुनिया भर में प्रेरणा के लिए एक से बढ़कर मिसाल सामने आते रहते हैं, हाल ही में तमिलनाडु से भी एक ऐसा ही प्रेरणादायक घटना सामने आई है। जिसमें एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी साइकिल से 165 किलोमीटर का सफर 10 घंटे में पूरा किया है।

इस व्यक्ति ने एक एक्सीडेंट में अपना एक पैर खो दिया था। वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी की वजह से तमिलनाडु के थन्जौर से मदुरै तक का सफर उन्हें साइकिल में करना पड़ा, वह अपने वकील को कुछ जरुरी डॉक्यूमेंट देने गये थे।

राजा, थन्जौर जिले के पिलियारपट्टी गांव से आते हैं, 14 साल की छोटी उम्र में 1994 में एक एक्सीडेंट में वह अपनी एक टांग गंवा बैठे थे। इसके बाद राजा ने कोर्ट में क्षतिपूर्ति पाने के लिए केस दाखिल किया था जो कि लंबे समय से चला आ रहा है लेकिन अभी तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है।

राजा अपने केस के सिलसिले में अक्सर थन्जौर से मदुरै जाते रहते हैं। वर्तमान में कोरोना लॉकडाउन की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी है, लेकिन केस अपने अंतिम चरणों में पहुंच चुका है जिस वजह से उनका कोर्ट जाना और डॉक्यूमेंट देना बहुत जरुरी था।

ऐसे में उन्होंने साइकिल चलाते हुए ही मदुरै जाने का फैसला किया और निकल पड़े, 10 घंटे की सफर के बाद वह अपने गंतव्य पहुंच पायें। इस दौरान उन्हें कोई बड़ी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा, वह मुआवजे के चलते वहां गये थे।

तमिलनाडु में आये दिन कोरोना के मामलें बढ़ रहे थे जिस वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवा शुरू नहीं हो पायी है, इस वजह से कई लोगों को समस्या हो रही है। ऐसे में लोगों को अपने जरुरी काम के लिए खुद की बाइक, कार, साइकिल में जाना पड़ रहा है।

राजा ने बताया कि उन्हें लगा था कि कर्फ्यू 31 जुलाई को खत्म हो जाएगा और बसें चलाने लगेंगी, लेकिन उन्हें शंका भी थी कि लॉकडाउन महीनों तक चल सकते हैं, इस वजह से उन्होंने साइकिल से ही मदुरै जाने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि उन्हें साइकिल चलाने का अनुभव है, ऐसे में कोई परेशानी नहीं हुई। वह कई जगह साइकिल में सफर करके जा चुके हैं। कर्फ्यू के दौरान तमिलनाडु पुलिस ने घर से 2 किलोमीटर बाहर निकलने वालों को पकड़ना शुरू कर दिया था लेकिन अब इसमें छूट दे दी गयी है।


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