इजरायल और हमास की जंग में "फ्लाइंग टैंक" AH-64 Apache की एंट्री, जानें कितना खतरनाक है ये हेलीकॅाप्टर
Israel-Palestine Conflict: इजरायल और फिलिस्तीन की जंग दुनिया भर में प्रभाव डाल रही है। इन दोनों के बीच युद्ध में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। बात दें कि 1948 में जब इजरायल अलग मुल्क बना था।
तभी से सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों में तनातनी का माहौल बना रहता है। इसी बीच हमास ने इजरायल पर रॉकेट से हमला कर दिया। जिसके ज़बाब में इजरायल ने AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर से हमास पर हमला किया है।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ तौर पर कहा है कि निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले हमास आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी बीच इजरायली सेना ने हमास के आतंकियों पर अपने अत्याधुनिक हथियारों से जमकर हमला किया है।
इस युद्ध में AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर ने इज़रायली सेना की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमास के बढ़ते हमलों के जवाब में इज़राइल ने उग्रवादियों को दूर रखने के लिए AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टरों से जवाबी हमला किया है।

इजरायल और हमास के बीच जंग में AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टरों से प्रहार किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर 30mm चेन गन और हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल कर रहा है।
क्या है खासियत: AH-64 Apache हेलीकॉप्टर को अमेरिका की कंपनी बोइंग बनाती है। बोइंग के अनुसार 1984 में शुरु हुई AH-64A आज AH-64E तक पहुंच गई लेकिन इस हेलीकॉप्टर की गुणवत्ता में कभी कमी नहीं आयी।

यह हमेशा सबसे एडवांस अटैक हेलीकॉप्टर रहा है। यह एक चार ब्लेड वाला हेलीकॉप्टर है, जो दो इंजन से चलता है। आसानी से इसके ब्लेड को फोल्ड किया जा सकता है। कई मिसाइलों से लैस यह हेलीकॉप्टर दुश्मनों को नेस्तनाबूंद करने में सक्षम है।
भारती वायुसेना के पास भी ये अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर है। इसे आमतौर पर "फ्लाइंग टैंक" के नाम से जाना जाता है। बता दें कि 2020 में, भारतीय वायु सेना ने 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों की डिलवरी हासिल की थी।

इन्हें "फ्लाइंग टैंक" को देश के प्रमुख एयरबेस पर तैनात किया गया है। AH-64E को दुनिया के सबसे उन्नत मल्टीरोल लड़ाकू हेलीकॉप्टर के रूप में जाना जाता है। इस अपाचे हेलिकॉप्टर में अत्याधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी की सुविधा है।
इसके साथ ही फाइट टैक्टिकल इन्फॉर्मेशन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम भी दिया गया है। इसके अलावा फेस गियर ट्रांसमिशन से लैस किया गया है। इसकी गति को क्लाइब रेट और पेलोड क्षमता को भी बढ़ाया गया है।
साथ ही कम्यूनिकेशन के लिए सी. डी. एल और केयू फ्रिक्वेंसी बैंड की सुविधा दी गई है। इसे उड़ाने के लिए 2 पायलटों की जरूरत होती है। इसकी लंबाई लगभग 58.2 फीट और ऊंचाई 12.8 फीट है।
बिना किसी हथियार या ईंधन के इसका वजन 5165 किलोग्राम होता है। इसके साथ ही इसमें जनरल इलेक्ट्रिक के 2 टी700 जीई-701 टर्बोशिफ्ट इंजन लगे हैं, जो इसे 1409 किलोवॉट की ताकत प्रदान करते हैं। अपाचे बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग लगातार इसकी क्षमता को बढ़ाने को लेकर काम कर रही है।


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