गुरुग्राम में ट्रैक्टर ड्राइवर को ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा महंगा, कटा 59,000 रुपयें का चालान
देशभर में 1 सितंबर से नए संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट को लागू कर दिया गया है। इसके लागू होते ही पूरे देश से चालान की खबरें वायरल हो रही है। मोटर व्हीकल एक्ट को लागू हुए देश में अभी कुछ ही समय हुए है।

इस कम समय में संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट खबरों में है। दरअसल संसोधित मोटर व्हीकल के नियम बहुत ही कठोर है। इसके लागू होते ही देश भर में इसके प्रभाव भी दिखने लगे है। कई लोगों को यातायात नियमों को तोड़ने पर भारी जुर्माना देना पड़ा है।

अभी हाल में ही एक खबर आई थी कि दिल्ली में एक स्कूटर सवार को अपनी स्कूटर की मार्केट वैल्यू से अधिक जुर्माना देना पड़ा था। वहीं दूसरी खबर दिल्ली से सटे गुरुग्राम से आ रही है। बीते बुधवार को गुरुग्राम में एक ट्रैक्टर चालक पर 59,000 रुपयें का जुर्माना लगाया गया है।

यह जुर्माना मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत कई ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर एक ट्रैक्टर चालक पर लगाया गया है। इस जुर्माने की खबर ने तेजी से लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

आपको बता दें कि वाहन के मालिक राम गोपाल पर 10 अपराधों के लिए जुर्माना लगाया गया, जिसमें बिना लाइसेंस के ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाणपत्र, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं था।

वहीं बिना फिटनेस के ट्रांसपोर्ट वाहन चलाना, वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करना, खतरनाक सामानों की ढुलाई, खतरनाक ड्राइविंग, पुलिस की अवज्ञा शामिल थी। इन सभी उल्लंघनों के कारण 59,000 रुपये का मानवीय जुर्माना हुआ।

इस घटना से यह साफ है कि नए ट्रैफिक नियमों की कीमत गुरुग्राम ट्रैक्टर ड्राइवर को भारी पड़ती है। चालक पर 10 यातायात उल्लंघन के लिए 59,000 रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, यह पहला उदाहरण नहीं है जहां पुलिस ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के लागू होने के बाद भारी जुर्माना लगाया है।

एक ऑटो-रिक्शा चालक पर ओडिशा के भुवनेश्वर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिए 47,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसे नशे में गाड़ी चलाने और अपना ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और बिना परमिट के वाहन का उपयोग करने के लिए चालान जारी किया है।

वहीं ऑटो चालक ने ट्रैफिक सिग्नल जंप करने के लिए 32,500 रुपये का चालान किया गया है। इसके साथ ही उसके पास वाहन के जरूरी दस्तावेज भी नहीं थे।

गुरुग्राम से एक अन्य घटना में, एक दोपहिया वाहन मालिक, जिसने अपने ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र, तीसरे पक्ष के बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और बिना हेलमेट के सवारी करने के लिए 23,000 रुपये का जुर्माना लगाया था।

नए प्रावधानों के प्रवर्तन के बाद जारी किए गए अधिकांश चालान आवश्यक दस्तावेजों को नहीं ले जाने के लिए किए गए हैं। मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 जुलाई में संसद द्वारा पारित किया गया था।

संशोधित अधिनियम 1 सितंबर को पूरे भारत में लागू हुआ। यातायात उल्लंघन करने वालों पर विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिए उच्च दंड लगाया जा रहा है। नए यातायात नियम सड़क सुरक्षा में सुधार करना चाहते हैं।


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