गुरुग्राम में रोड रेज का खौफ: थार ने कैब को कुचला, वीडियो देख कांप जाएंगे आप
आज सुबह (रविवार, 20 सितंबर) गुरुग्राम से रोड रेज की दो दिल दहला देने वाली वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। सेक्टर 89 के एक वीडियो में महिंद्रा थार चालक को एक कैब को बार-बार टक्कर मारते देखा जा सकता है। इसके कुछ ही घंटों बाद, सेक्टर 38 से सामने आई एक और क्लिप में मारुति बलेनो और हुंडई औरा के बीच जोरदार भिड़ंत दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम तक सेक्टर 38 वाले मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, जबकि थार चालक की तलाश जारी है।
जांच अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली नंबर की थार ने शुक्रवार देर रात सेक्टर 86–89 के पास पश्चिम बंगाल नंबर वाली एक इलेक्ट्रिक कैब को आठ से दस बार जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि कैब के एयरबैग खुल गए। कैब चालक 112 पर कॉल करने के बाद जान बचाकर मौके से भाग निकला। गुरुग्राम पुलिस के पीआरओ संदीप तुरन ने बताया, "कैब चालक ने लिखित शिकायत दी है, जिसके आधार पर खेड़की दौला थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। इसके बाद आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।"

Gurugram road-rage police probe: Thar and Baleno
| क्लिप | स्थान/समय | गाड़ियां | कैमरे में दर्ज नुकसान | पुलिस कार्रवाई (20 सितंबर तक) |
|---|---|---|---|---|
| थार बनाम कैब | सेक्टर 86–89, शुक्रवार देर रात | महिंद्रा थार; इलेक्ट्रिक कैब | एयरबैग खुले, आगे और साइड से गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त | खेड़की दौला थाने में एफआईआर दर्ज की जा रही है; आरोपी की तलाश जारी |
| बलेनो की टक्कर | सेक्टर 38, देर रात | मारुति बलेनो; हुंडई औरा | कई जोरदार टक्कर; एक शख्स गाड़ी की चपेट में आता दिखा | शनिवार शाम तक कोई शिकायत या एफआईआर नहीं; मामले की जांच जारी |
मामला क्यों बढ़ा: दोनों वीडियो में कहासुनी के बाद गाड़ियों को हथियार की तरह इस्तेमाल करते देखा गया। बार-बार होती टक्करों से डरकर आसपास खड़े लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटते दिखे। सेक्टर 38 के वीडियो में तो कार सड़क पर गिरे एक शख्स को कुचलने के इरादे से उसकी तरफ बढ़ती दिख रही है। पुलिस फिलहाल पूरी घटना और लोगों की पहचान की जांच कर रही है; औपचारिक शिकायत मिलते ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
Gurugram road-rage legal penalties and safety takeaways
ऐसे मामलों में सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही से गाड़ी चलाने (धारा 281) और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने (धारा 324) के तहत भारतीय न्याय संहिता में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। ये दोनों संज्ञेय (cognizable) अपराध हैं, जिनमें नुकसान के हिसाब से सजा बढ़ सकती है। इनके साथ मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाती है, जिससे गाड़ियों को जब्त करने और रजिस्ट्रेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलती है।
अगर आप ऐसी हिंसा के गवाह बनते हैं या इसका शिकार होते हैं, तो तुरंत 112 पर कॉल करें या 112 India ऐप का इस्तेमाल करें। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत 'जीरो एफआईआर' की सुविधा है, जिससे किसी भी थाने में मामला दर्ज कराया जा सकता है। तुरंत अपने डैशकैम की मूल फाइलें पुलिस से साझा करें; अब पुलिस 'eSakshya' जैसे डिजिटल सबूतों के जरिए जांच करती है। इंश्योरेंस के लिए अपनी बीमा कंपनी को तुरंत सूचित करें, क्योंकि क्लेम की सूचना के 72 घंटों के भीतर सर्वेयर नियुक्त करना अनिवार्य होता है।


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