गुरुग्राम गोल्फ कोर्स रोड अंडरपास में भीषण हादसा: डैशकैम वीडियो देख कांप जाएंगे आप
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित अंडरपास का एक डैशकैम वीडियो सामने आते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। इस क्लिप में एक तेज रफ्तार कार को सेक्टर 42/27 अंडरपास के अंदर दो गाड़ियों को जोरदार टक्कर मारते देखा जा सकता है। पुलिस ने बताया कि यह हादसा 31 अक्टूबर की तड़के हुआ था। अधिकारियों ने आज सुबह यानी 3 नवंबर को एफआईआर से जुड़ी जानकारी की पुष्टि की। सुशांत लोक पुलिस स्टेशन में 1 नवंबर (रविवार) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
वीडियो फुटेज में अंडरपास के भीतर एक के बाद एक कई गाड़ियां टकराती नजर आ रही हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक कैब पलट गई, दूसरी दीवार से जा टकराई और खुद तेज रफ्तार कार भी कंक्रीट से भिड़ गई। मामले का खुद संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए पुलिस अब अज्ञात ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। पुलिस प्रवक्ता संदीप तुरन ने बताया, "हम उपलब्ध फुटेज की जांच कर रहे हैं और ड्राइवर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।"

गुरुग्राम गोल्फ कोर्स रोड हादसा: आखिर क्यों तेजी से वायरल हुआ यह डैशकैम वीडियो?
यह वीडियो वीकेंड के दौरान इंटरनेट पर सामने आया था और आज सुबह से ही लोगों के फीड में छाया हुआ है। दरअसल, यह अंडरपास दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वालों के लिए बेहद अहम रास्ता है। इस मामले में कोई पीड़ित शिकायत दर्ज कराने सामने नहीं आया था, इसके बावजूद पुलिस ने वायरल वीडियो को आधार बनाकर स्वतः संज्ञान लिया और केस दर्ज किया। यह दिखाता है कि पुलिस डिजिटल सबूतों को लेकर काफी सतर्क है।
गुरुग्राम गोल्फ कोर्स रोड दुर्घटना: एफआईआर का स्टेटस और क्या हैं संभावित धाराएं?
पुलिस ने 3 नवंबर को मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि एफआईआर 1 नवंबर को ही दर्ज कर ली गई थी। इसमें लापरवाही से गाड़ी चलाने और दूसरों की जान जोखिम में डालने के आरोप में बीएनएस (BNS) की धारा 281 और 125 के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। जांच अधिकारी हादसों में शामिल वाहनों और घायलों का ब्योरा जुटा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ड्राइवर की पहचान होने या पीड़ितों के बयान दर्ज होने के बाद केस में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
सुरक्षित ड्राइविंग, डैशकैम और इंश्योरेंस क्लेम से जुड़ी काम की बातें
अंडरपास को हमेशा टनल की तरह समझकर गाड़ी चलाएं—हमेशा अपनी लेन में रहें, अचानक लेन न बदलें और आगे चल रहे वाहन से कम से कम दो सेकंड की सुरक्षित दूरी बनाए रखें। अगर आप सड़क हादसे की फुटेज सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, तो जिम्मेदारी निभाते हुए गाड़ियों की नंबर प्लेट और लोगों के चेहरे ब्लर कर दें। भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत विधिवत प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक वीडियो को अदालतें सबूत मानती हैं। बीमा कंपनियां भी क्लेम प्रोसेस में डैशकैम फुटेज को सपोर्टिंग एविडेंस के रूप में स्वीकार करने लगी हैं, हालांकि अंतिम मंजूरी सर्वेक्षक ही देते हैं। वहीं, अज्ञात वाहनों से हुए हादसों के लिए 2022 की हिट-एंड-रन योजना लागू होती है। इसके अलावा, पॉलिसी में जीरो-डेप्रिसिएशन एड-ऑन कवर होने से आपकी जेब पर मरम्मत का खर्च काफी कम हो जाता है।


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