GST Reforms: दिवाली से सस्ती हो जाएंगी कार और बाइक! सरकार ने बनाया टैक्स घटाने का प्लान
GST reforms: भारत सरकार वस्तु और सेवा कर (GST) सुधारों की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत पैसेंजर कारों और दोपहिया वाहनों की कीमतों में कमी आ सकती है। इस सुधार का उद्देश्य जीएसटी स्ट्रक्चर को सरल बनाना, उपभोक्ता मांग को बढ़ावा देना और व्यापार करने की सुगमता को बेहतर करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी 79वीं स्वतंत्रता दिवस की घोषणा में इस योजना की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि यह सुधार दीवाली 2025 तक लागू हो सकता है, जो आम जनता, छोटे उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए एक उपहार होगा।

जीएसटी स्लैब का होगा सरलीकरण
वर्तमान में, जीएसटी की दरें 0%, 5%, 12%, 18% और 28% हैं, जिसमें कुछ वस्तुओं पर अतिरिक्त मुआवजा उपकर भी लगता है। सरकार अब इन स्लैब्स को घटाकर केवल दो मुख्य श्रेणियों - स्टैंडर्ड (5%) और मेरिट (18%) - में बदलने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कुछ चुनिंदा वस्तुओं, जैसे- तंबाकू और अन्य लग्जरी प्रोडक्ट पर 40% की विशेष दर लागू होगी।
कार-बाइक की घटेगी कीमत
वर्तमान में पैसेंजर कारों और दोपहिया वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है और कुछ मामलों में उपकर के साथ कुल टैक्स 50 प्रतिशत तक हो सकता है। नए सुधार के तहत इन वाहनों को 18 प्रतिशत के स्लैब में लाया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को 5-10 प्रतिशत की बचत हो सकती है। ये विशेष रूप से मास-मार्केट सेगमेंट, जैसे- 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली सबकॉम्पैक्ट कारों और एंट्री-लेवल दोपहिया वाहनों के लिए फायदेमंद होगा।
मास-मार्केट वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
यह सुधार खास तौर पर उन दोपहिया वाहनों और कारों को लक्षित करता है, जो भारत में आम जनता की जरूरतों को पूरा करते हैं। उदाहरण के लिए, 125 सीसी तक के दोपहिया वाहनों को "लग्जरी" की बजाय "नीड" के रूप में देखा जाता है, क्योंकि ये ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। कई कार और बाइक निर्माता कंपनियां भी GST को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत तक करने के लिए वकालत की है।
मेंटेनेंस और रिपेयरिंग किफायती होगी
टैक्स घटने के बाद ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स की कीमतों में कमी से वाहन निर्माण लागत कम होगी, जिसका लाभ उपभोक्ताओं को सस्ते वाहनों और कम रखरखाव लागत के रूप में मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर 5% की कम दर बरकरार रहेगी, ताकि ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिल सके।
जीएसटी सुधार का उद्देश्य न केवल उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाना है, बल्कि व्यापार करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाना है। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को ठीक करने, वर्गीकरण संबंधी विवादों को कम करने और टैक्स रेट में लॉन्ग टर्म स्टेबिलिटी प्रदान करने से उद्योगों को बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
जल्द मिलेगी टैक्स में छूट
वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी परिषद जल्द ही इन सिफारिशों पर चर्चा करेगी, ताकि चालू वित्त वर्ष में ही लाभ लागू हो सकें। यह कदम न केवल ऑटोमोबाइल क्षेत्र, बल्कि घरेलू उपकरणों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की कीमतों को भी कम करेगा, इससे आम जनता को काफी लाभ होने वाला है।


Click it and Unblock the Notifications








