अपराधी को पकड़ने गई थी Police लेकिन लोगों ने किया उनकी गाड़ी का ऐसा हश्र, देखें वीडियो
एक पुलिस अधिकारी का जीवन अक्सर बहुत सारे जोखिमों से भरा होता है और उन्हें अक्सर ड्यूटी के दौरान कुछ खतरनाक स्थितियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि उनमें से अधिकांश को ऐसी स्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। पुलिस अधिकारियों की एक टीम को हाल ही में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा।

ऐसा तब हुआ जब पुणे पुलिस के अधिकार एक आरोपी की तलाश में उत्तर प्रदेश आए थे। फरसखाना पुलिस स्टेशन, पुणे शहर की पांच सदस्यीय टीम उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आई थी। वे एक हेड कांस्टेबल की हत्या के मामले में एक महिला की तलाश कर रहे थे।

लेकिन मौके पर महिला को गिरफ्तार करने आए पुलिस अधिकारियों की टीम पर अपराधियों के एक समूह ने बेरहमी से हमला कर दिया। इन अपराधियों ने पुलिस की टोयोटा इनोवा क्रिस्टा के साथ भी बर्बरता दिखाई और उसे बुरी तरह से तोड़ दिया।

प्रियंका नारनवारे, डीसीपी (जोन 1), पुणे ने एक मीडिया प्रकाशन से बात करते हुए कहा कि "हमारी टीम और गाजियाबाद पुलिस टीम एक ही क्षेत्र में अलग-अलग आरोपियों की तलाश कर रही थी, जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हमारी टीम पुणे आ गई है।"

हेड कांस्टेबल की हत्या के मामले में पकड़ी गई महिला घटना के बाद गाजियाबाद भाग गई थी। जानकारी के अनुसार 5 मई, 2021 की मध्य रात्रि के आसपास, फरसखाना पुलिस स्टेशन के हेड कांस्टेबल समीर सैय्यद (48) की हत्या बुधवर पेठ में एक अपराधी ने की थी।

आरोपी को कासिन पेठ के प्रवीण महाजन के तौर पर जाना जाता है। जहां प्रवीण महाजन को तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया गया था, वहीं जांच के दौरान एक महिला की भी संलिप्तता पाई गई थी, जिसका नाम कल्पना प्रवीण महाजन है। जैसे ही इस हत्याकांड से संबंध स्थापित हुआ, अधिकारियों की एक टीम गाजियाबाद भेजी थी।
गाजियाबाद में इसी टीम पर हमला किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक दीनदयाल पुरी नामक जगह पर टीम पर हमला हुआ, जो नंदग्राम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। कल्पना प्रवीण महाजन को गिरफ्तार करने के लिए टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वे उसे नहीं ढूंढ पाई।

टीम को अंकित नाम का एक व्यक्ति मिला जो नियमित रूप से कल्पना प्रवीण महाजन के संपर्क में था। टीम अंकित के पास पहुंची और उससे पूछताछ करने लगी और इसी दौरान अंकित के रिश्तेदार और पड़ोसियों ने टीम पर हमला कर दिया।

टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक पुलिस निरीक्षक पाटिल ने अपना परिचय दिया, लेकिन लोगों ने एक नहीं सुनी और हमला करना जारी रखा। हमलावरों ने उनके मोबाइल फोन, पहचान पत्र भी छीन लिए और उनके हथियार भी छीनने की कोशिश की। इस हमले में कई पुलिस अधिकारी भी घायल हो गए।


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