Delhi Pollution: बढ़ते प्रदूषण के बीच Delhi-NCR में लागू हुआ GRAP-II, अब इन गाड़ियों की खैर नहीं..
देश की राजधानी दिल्ली और उससे जुड़े इलाके प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं। इसको देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने Delhi-NCR में GRAP-II लागू कर दिया है। आइए, जानते हैं कि सरकार को ये फैसला क्यों लेना पड़ा और इसके इम्प्लीमेंटेशन से गाड़ियों की आवाजाही पर क्या असर पड़ेगा।
GRAP-II से क्या होगा: लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के चलते Delhi-NCR में GRAP-II लागू किया गया है। आपको बता दें कि GRAP-II तब सक्रिय होता है, जब एयर क्वालिटी बहुत खराब हो जाती है। इससे वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी।

दिल्ली सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस नियम के बाद सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के अप-डाउन को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा नियमित रूप से सड़कों की सफाई होगी और इन पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही ट्रैफिक जाम कम करने के लिए भी जरूरी प्रयास किए जाएंगे।
दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा: सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) ने हाल ही में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स बताया है। दिल्ली में सुबह 8 बजे AQI 317 दर्ज किया गया, जो शहर की बदतर स्थिति को दर्शाता है। इससे निपटने के लिए ही GRAP-II लागू किया गया है। अगर स्थिति नहीं संभली, तो GRAP-III भी इंप्लीमेंट किया जा सकता है।
GRAP-III क्या है: ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) की तीसरी स्टेज में कई तरह की सरकारी परियोजनाओं को भी रोक दिया जाता है। इसमें सड़क और भवन निर्माण जैसी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, डीजल वाहनों को आवाजाही कम करने के साथ GRAP-II वाले सभी नियम लागू रहते हैं।
AQI का गणित: 0 और 50 के बीच के AQI को अच्छा माना जाता है। वहीं, 51 और 100 के बीच AQI होना नॉर्मल बात है। अगर शहर का AQI 101 से ऊपर हो जाता है और 200 से कम रहता है, तो उसे मीडियम कंडीशन कहते हैं। जैसे ही AQI का मीटर 300 से पार जाएगा, पॉल्यूशन हावी होने लगेगा। 400 या उससे अधिक AQI होने पर सांस लेना भी दूबर हो जाता है।


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