71 साल की ये दादी अम्मा 11 तरह के वाहनों को चलाने में हैं एक्पर्ट, युवाओं को दे रही हैं ड्राइविंग की ट्रेनिंग
कई लोगों के लिए ड्राइविंग एक जरूरत होती है तो कई लोग शौक से वाहनों को चलाना सीखते हैं। केरल की जे राधामणि एक ऐसी ही महिला हैं जिन्हें तरह-तरह के वाहन चलाने का शौक है। वह 71 साल की हैं और केरल के कोच्चि के थोप्पुमपडी की रहने वाली हैं। दरअसल, खास बात यह है कि उनके पास 11 विभिन्न श्रेणियों के वाहन चलाने का लाइसेंस है। उसके पास उत्खनन, फोर्कलिफ्ट, क्रेन, रोड रोलर, ट्रैक्टर, कंटेनर ट्रेलर, बस, लॉरी और कुछ अन्य तरह के वाहनों को चलाने का लाइसेंस है।

30 साल की उम्र में सीखी थी ड्राइविंग
राधामणि ने पहली बार कार चलाना तब सीखा जब वह 30 साल की थीं। उनके पति ने उन्हें ड्राइविंग सीखने के लिए प्रेरित किया था और उन्हें ट्रेनिंग दी थी। इससे वह बहुत जल्द ड्राइविंग सीख गईं और इसमें उनकी रूचि भी जागने लगी। पिछले साल ही उन्हें खतरनाक सामानों के परिवहन के लिए लाइसेंस मिला। 1988 में उन्हें बस और लॉरी दोनों के लिए अपना पहला लाइसेंस मिला। उन्होंने थोप्पुमपडी से चेरथला के लिए पहली बार एक बस चलाई थी, जिसका वहां के परिवहन विभाग ने खूब सराहना की थी।

दूसरों को दे रही हैं ट्रेनिंग
राधामणि ड्राइविंग के अपने कौशल को दूसरों तक पहुंचाने का काम भी कर रही हैं। उनके पति ने 1970 के दशक में केरल के कोच्चि में A-Z Driving School शुरू किया था। दुर्भाग्य से 2004 में राधामणि ने अपने पति को एक दुर्घटना में खो दिया। इस घटना के बाद, उन्होंने परिवार को चलाने का उत्तरदायित्व संभाला और खुद ट्रेनिंग देने शुरू किया।

राधामणि अपने ड्राइविंग स्कूल में तरह-तरह के वाहनों को चलाने की ट्रेनिंग देती हैं। ड्राइविंग स्कूल चलाने के लिए यह जरूरी है कि प्रोपराइटर या इंस्ट्रक्टर के पास उनके द्वारा सिखाये जाने वाले वाहनों का लाइसेंस हो। इसलिए उन्होंने 11 अलग-अलग तरह के वाहनों का लाइसेंस अपने नाम पर लिया। वर्तमान में वह अपने ड्राइविंग स्कूल में कंप्यूटर का संचालन करती हैं। वह अपने दो बेटों, बहू और पोते के साथ ड्राइविंग स्कूल चला रही हैं।

दिलचस्प बात यह है कि राधामणि अभी भी एक छात्रा है। ड्राइविंग स्कूल में कंप्यूटर संचालन के साथ-साथ वह कलामास्सेरी पॉलिटेक्निक में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स भी कर रही हैं। वह शायद केरल या भारत में अकेली महिला ड्राइवर हैं, जिनके पास 11 श्रेणियों के वाहनों का लाइसेंस है।

पति की स्कूटर चलाना है सबसे पसंद
उसके पति ने उसके लिए एक स्कूटर खरीदा था और तब से वह हर जगह अपने स्कूटर से जाती हैं। बहुत जरूरी होने पर ही वह कार से बाहर निकालती हैं। राधामणि ने 2020 में एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अभी तक टावर क्रेन नहीं चलाई है। उन्होंने बताया था कि टावर क्रेन काफी ऊंचे होते हैं और साड़ी पहनकर इतने ऊंचे क्रेन पर चहड़ना मुमकिन नहीं है।

राधामणि के हौसले और जज्बे से यह साबित होता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और किसी भी चीज को शुरू करने की कोई उम्र नहीं होती। आप जब चाहे वह कर सकते हैं जो आपको पसंद है। वह इस उम्र में भी खुद को व्यस्त रखने के लिए लगातार नई चीजें सीख रही हैं। वह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हो सकती हैं।


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