अब हाईवे पर नहीं दिखेंगे टोल बूथ, आसमान से ऑटोमैटिक कटेगा Toll Tax! जल्द आ रहा है नया सिस्टम
Toll Collection System: भारत सरकार टोल कलेक्शन सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी में है। अब टोल बूथ और फास्टैग के बदले GPS ट्रैकिंग की मदद से टोल वसूला जाएगा। बहुत जल्द आपको हाईवे पर टोल बूथ दिखने बंद हो जाएंगे। नए सिस्टम के तहत सरकार का लक्ष्य टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ को कम करना है। आइए GPS Based Toll Collection के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) से कटेगा टोल: शुरूआत में टोल कलेक्शन कैश के माध्यम से की जाती थी। इसके बाद साल 2016 में फास्टैग की शुरूआत हुई थी। वर्तमान में 99 प्रतिशत वाहन FASTag से लैस है। हालांकि, फास्टैग आने के बाद भी टोल बूथों पर लगने वाला जाम कई बार परेशानी का सबब बनती है।

इसी को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर सेटेलाइट आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम लागू करने जा रही है। नए सिस्टम के तहत वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और तय की गई दूरी के आधार पर ऑटोमैटिक टोल कट जाएगा।
रिपोर्ट्स की मानें, तो इसे एक मई से देश के कुछ हिस्सों में इसे लागू किया जाएगा। शुरूआती दौर में GPS आधारित टोल सिस्टम बस और ट्रक जैसे बड़ी गाड़ियों के लिए लागू होगा। इसके बाद धीरे-धीरे सभी प्राइवेट व्हीकल को इस सिस्टम के तहत एड किया जाएगा।

कैसे काम करेगा GPS बेस्ड टोल सिस्टम: यह एक बैरियर फ्री इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है। इस सिस्टम के तहत गाड़ियों में एक ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) लगाई जाएगी, जिसे GPS से जोड़ा जाएगा। यह एंट्री और निकास के आधार पर ट्रैक करेगी कि संबंधित वाहन ने हाईवे पर कितनी दूरी तय की।
इसके बाद वाहन द्वारा तय की गई दूरी के हिसाब से सिस्टम अपने आप आपके बैंक अकाउंट या वॉलेट से कट टोल डिडक्ट कर लेगी। इसके लिए आपको कहीं लाइन लगने या रुकने की जरूरत नहीं होगी।
GPS Based Toll सिस्टम से होंगे ये फायदे: नया टोल कलेक्शन सिस्टम लागू होने से वाहन चालकों/मालिकों का काफी राहत मिलेगी। खासतौर पर नए सिस्टम के तहत अब आपको हाईवे पर जितनी दूरी तय करेंगे, सिर्फ उतना ही टोल देना होगा। इसके अलावा ऑटोमेशन के चलते समय में भी बचत होगी।


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