ईवी चार्जिंग स्टेशन ग्रीन इलेक्ट्रिसिटी से होंगे संचालित: नितिन गडकरी
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को चार्ज करने के लिए ग्रीन इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल किया जाएगा। ग्रीन बिजली के उत्पादन के लिए बड़े स्तर पर सोलर स्टेशनों को लगाया जा रहा है। परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि देश में जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ रही है, इन वाहनों को चार्ज करने के लिए ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। इसके लिए सरकार ने चार्जिंग स्टेशनों को स्वच्छ ऊर्जा श्रोत से तैयार की गई बिजली की सप्लाई के लिए नीति तैयार की है।

गडकरी ने यह भी बताया कि चूंकि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक लगातार बदल रही है, इसलिए ईवी स्टार्ट-अप के नए शोध और इनपुट का स्वागत किया जाएगा। गडकरी ने ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग का एक उदाहरण देते हुए कहा,"मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर 650 रोड साइड एमिनिटीज पर काम कर रहा है जिसमें 40 सुविधाओं को पहले ही शुरू किया जा चुका है। इन सुविधाओं में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, गुजरात और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में चार्जिंग स्टेशनों को बिजली प्रदान करने के लिए पवन ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है।

उन्होंने सदन में बताया, देश के महानगरों में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को लेकर सरकार चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं को शुरू करेगी। गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं में अगले 3-4 सालों देश के प्रमुख शहरों, राज्यों की राजधानियों, केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यालयों को स्वच्छ ऊर्जा से संचालित करने के लिए चुना जा सकता है। इसके अलावा प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे को स्वच्छ ऊर्जा से संचालित करने की योजना तैयार की गई है।

गडकरी ने सदन को सूचित किया कि केंद्र सरकार की उपक्रम ईईएसएल (एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड) को कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज (सीईएसएल) के साथ मिलकर 16 नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का काम सौंपा गया है।

हाल ही में, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने ईईएसएल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया, जिसके अनुसार एनएचआई को राजस्व-साझाकरण मॉडल के आधार पर ईवी चार्जर यूनिट की स्थापना के लिए टोल प्लाजा के पास स्थान, भूमि और इसके भवन प्रदान किये जाएंगे।

वाहन पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में 10,76,42 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। वहीं, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के अनुसार कुल 1,742 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन परिचालन में हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए शुरू की गई फेम योजना (FAME Scheme) के तहत 31 मार्च, 2022 तक 3,01,247 इलेक्ट्रिक वाहनों को 1,119 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है।

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2019 से शुरू होने वाले फेम योजना के दूसरे चरण के लिए 10,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। कुल बजटीय सहायता में से, लगभग 86 प्रतिशत राशि को मांग प्रोत्साहन के लिए आवंटित किया गया है ताकि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग पैदा की जा सके।


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