अब हिट एंड रन सड़क दुर्घटनाओं में मिलेगा 2 लाख रुपये का मुआवजा, सरकार ने लाया प्रस्ताव
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हिट एंड रन रोड एक्सीडेंट पीड़ितों के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाने के लिए एक योजना प्रस्तावित की है। मंत्रालय ने हिट एंड रन सड़क हादसों के मामलों में मारे गए लोगों के परिवारवालों को मुआवजे की राशि 25,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का प्रस्ताव लाया है। इसमें सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने पर 50,000 रुपये की सहायता राशि देने का भी प्रस्ताव है।

मंत्रालय ने सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच, विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (डीएआर) और इसकी रिपोर्टिंग के साथ-साथ समय सीमा के भीतर मुआवजे की राशि को पीड़ितों तक पहुंचाने का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने एक मोटर वाहन दुर्घटना कोष स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा है, जिसका उपयोग हिट एंड रन दुर्घटनाओं के मामले में मुआवजा और दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के लिए किया जाएगा।

कितना मिलता है मुआवजा
मौजूदा नियमों के तहत सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने पर पीड़ित को मुआवजे के तौर पर 12,500 रुपये की राशि दी जाती है। वहीं, मृत्यु होने पर पीड़ित के परिवार को 25,000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। मुआवजे की राशि 1989 में बनी हर्जाना योजना के तहत दी जाती है। मंत्रालय ने गंभीर चोट के लिए 12,500 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये और मृत्यु के लिए 25,000 रुपये से बढ़ाकर 2,00,000 रुपये करने का प्रस्ताव पेश किया है।

दिल्ली में हिट एंड रन से 536 मौतें
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि वर्ष 2019 के दौरान दिल्ली में 'हिट एंड रन' सड़क दुर्घटनाओं में 536 लोग मारे गए और 1,655 लोग घायल हुए। वहीं, 2019 में देश में कुल 4,49,002 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 1,51,113 लोगों ने जान गंवाई। मंत्रालय ने इस प्रस्तावित योजना को संसद में 2 अगस्त को पेश किया और 30 दिनों के भीतर हितधारकों से टिप्पणी भी मांगी है।

सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें भारत में
भारत उन देशों में शामिल है जहां सड़क हादसों में सबसे ज्यादा लोगों की मौतें होती हैं। सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट मौत कारण बनती का कारण बनती हैं। इनमें से अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर होती हैं। खराब सड़क डिजाइन, लापरवाह ड्राइविंग, यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

गडकरी ने बताया कि वर्ष 2020 में कुल 3,66,138 सड़क हादसे हुए जिसमें 1,31,714 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने भारत में सड़क दुर्घटनाओं चिंता व्यक्त करते हुए सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने का आश्वासन दिया।

सड़क दुर्घटनाओं पर परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर सबसे अधिक दुर्घटना संभावित स्थान या ब्लैक स्पॉट हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर अधिकतम दुर्घटना संभावित स्थानों के मामले में पश्चिम बंगाल और कर्नाटक दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

परिवहन मंत्रालय ने कहा है कि विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित स्थानों को ठीक करने के लिए संबंधित एजेंसियों जैसे BRO, NHAI, आदि को अधिसूचित किया गया है। साथ ही सरकार वाहनों को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए वाहन कंपनियों पर जोर दे रही है। नए नियमों में के तहत मंत्रालय ने कारों में 6 एयरबैग देने का निर्देश जारी किया है।


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