इलेक्ट्रिक वाहन योजना को लेकर नीति आयोग ने वाहन निर्माताओं को दिया खास निर्देश
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नीति आयोग ने टू-व्हीलर और थ्री व्हीलर निर्माताओं को इलेक्ट्रिक मोबिलटी बदालाव की दिशा ठोस कदम उठाने को कहा है। यह आदेश 2025 से सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ाने के फैसले को लेकर दिए गए है। नीति आयोग ने निर्माताओं को दो सप्ताह के भीतर इस पर अपना रूख साफ करने को कहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने नीति आयोग का वह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था, जिसके तहत 2030 से देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन को ही बेची जाएंगी। शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को नीति आयोग द्वारा बैठक में बुलाया गया था। नीति आयोग ने इस बैठक में देश में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। साथ ही यह निर्देश भी दिए गए कोई ऑटो निर्माता नियमों का उलंघ्घन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस बैठक का प्रतिनिधित्व नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने किया। बैठक में अधिकारी ने कहा कि देश में जब तक एक नीति और रोडमैप नहीं होगे, तब तक इलेक्ट्रिक वाहनों को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर नीतियों को स्पष्ट रखा जाए।

अगर भारत में प्रदूषण के स्तर को देखे, तो 15 में से 14 शहर में प्रदूषण का स्तर भयावह है। ऐसे में सभी टू-वहीलर और थ्री व्हीलर वाहन निर्माताओं को इसके लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। लेकिन अगर कोई ऐसा नहीं करता है, तो उस पर कड़ी कारवाई भी होनी चाहिए।

नीति आयोग ने 2023 तक तीन-पहियां और वही 2025 तक 150 सीसी से कम दक्षता वाले वाहनों को पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक वाहन में बदल लेने की योजना बनाई है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इस पर ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि भारत इलेक्ट्रिक मोबलिटी के क्षेत्र में क्रांति लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इस बारे में नीति आयोग और ऑटो निर्माताओं के बीच चर्चा हुई। हम सभी ने भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगिता का स्वागत किया।

वही नीति आयोग के अधिकारी ने कहा कि भारत पहले इलेक्ट्रोनिक क्रांति मे पीछे छूट गया है। हमारा पड़ोसी देश चीन इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले ही अपना चुका है। हमे भी इस तकनीक का स्वागत कर इलेक्ट्रोनिक्स क्रांति में भाग लेना चाहिए। साथ ही भारत सरकार को भी इस पर ध्यान देना चाहिए।

हलांकि सरकार ने पिछले दिनों इलेक्ट्रिक वाहनों के ऊपर से रजिस्ट्रेशन चार्ज को हटा लिया है। सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। साथ ही लोगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सारे कदम तब लिए जा रहे है, जब यह अपनी शुरूआती दौर में है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर हीरो, टीवीएस, एसएनएसई और बजाज ने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया है। लेकिन स्टार्ट अप ऑटो कंपनियां ने इस फैसले का दिल से स्वागत किया है। रेवोल्ट इन्टेलिकॉर्प के संस्थापक राहुल शर्मा कहते हैं कि प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए जरूरी है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में टू-व्हीलर और थ्री- व्हीलर का रूपांतरण जल्द से जल्द किया जाएं। वही बजाज कंपनी के चेयरमैन श्रीनिवासन और बजाज कंपनी के निदेशक राजीव बजाज ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

हालांकि इस महीने के शुरूआत में बजाज और टीवीएस ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इलेक्ट्रिक इंजन अपनाने के लिए आंतरिक दहन इंजन को बैन करना उचित नहीं है। यह योजना समय से पहले लाया जा रहा है, जिसके लिए अभी हम तैयार नहीं है और इससे ऑटो इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

वही टृ-व्हीलर निर्माता हीरो मोटोकॉर्प ने इस योजना को कुछ समय के लिए टालने का सुझाव दिया है। हीरो का मानना है कि जहां देश की ऑटोमोटिव कंपनियां अभी अपने मॉडल को बीएस- 6 इंजन में ही अपडेट कर रही है, वैसे में इलेक्ट्रिक वाहन अभी दूर की कौड़ी है।

लेकिन इन सब के बीच नीति आयोग और भारत सरकार के रूख से लगता है कि उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर पूरी तैयारी कर लिया है और देश में इलेक्ट्रिक वाहन के चलन को 2025 तक लागू कर दिया जाएगा। साथ ही सरकार अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही है।


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