सोने जैसी चमकती ऑडी Q7 पर पुलिस का एक्शन: 40 हजार का चालान और कई नियम टूटे
पिंपरी-चिंचवड़ के महावीर चौक पर 24 सितंबर 2026 को ट्रैफिक पुलिस ने सोने की चमक (गोल्ड रैप) वाली एक ऑडी Q7 कार को रोक लिया। गाड़ी में नियमों की अनदेखी पर अधिकारियों ने मौके पर ही 6,500 रुपये का नया चालान काट दिया। जांच में अनधिकृत फैंसी नंबर प्लेट, शीशों पर डार्क फिल्म और आरसी (RC) से अलग कार का रंग पकड़ा गया। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि गाड़ी का इंश्योरेंस खत्म हो चुका था, वैलिड PUC भी नहीं था और 33,700 रुपये के 18 पुराने चालान पेंडिंग पड़े थे, जिन्हें पुलिस ने मौके पर ही वसूल किया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला: गाड़ियों में तड़क-भड़क वाले अनधिकृत बदलावों (मॉडिफिकेशन) पर रोक लगाने के लिए पुलिस अब ब्लैक फिल्म, नंबर प्लेट और इंश्योरेंस से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू कर रही है। नियम 50 के तहत गाड़ियों में टैम्पर-प्रूफ हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के अपने आदेश में नियम 100 का हवाला देते हुए शीशों पर किसी भी तरह की आफ्टरमार्केट सनफिल्म लगाने पर पूरी तरह रोक लगाई थी। इसके अलावा, बिना थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के गाड़ी चलाना धारा 146 का उल्लंघन है, जिस पर धारा 196 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

भारतीय सड़कों पर गाड़ियों में क्या-क्या मॉडिफिकेशन हैं गैरकानूनी?
आरसी (RC) में दर्ज कराए बिना गाड़ी का रंग बदलना कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है। नंबर प्लेट पर फैंसी फॉन्ट, स्टिकर या कोई भी टेक्स्ट लिखवाना नियम 50 का उल्लंघन है; देश भर में HSRP लगवाना अनिवार्य है। कार के शीशों पर किसी भी तरह की सनफिल्म लगाना गैरकानूनी है, चाहे कंपनियां विजिबल लाइट ट्रांसमिशन (VLT) का कितना भी दावा क्यों न करें। चेकिंग के दौरान इंश्योरेंस एक्सपायर मिलने या PUC न होने पर अलग से चालान काटा जाता है।
| पार्ट / मॉडिफिकेशन | नियम क्या कहता है? | काम की बात |
|---|---|---|
| रिफ्लेक्टिव क्रोम/गोल्ड बॉडी रैप | बिना इजाजत रंग बदलने पर जुर्माना; अत्यधिक चमक हादसों की वजह बनती है | इससे बचें; नॉन-रिफ्लेक्टिव रैप चुनें और RC में रंग दर्ज कराएं |
| नंबर प्लेट और फॉन्ट | नियम 50: सिर्फ HSRP मान्य; कोई फैंसी टेक्स्ट या स्टिकर नहीं | कंपनी या अधिकृत डीलर से HSRP ही लगवाएं |
| इंश्योरेंस की वैधता | धारा 146 के तहत थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य; न होने पर धारा 196 में कार्रवाई | अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी हमेशा एक्टिव रखें |
| RC में रंग दर्ज कराना | रंग बदलने से पहले आवेदन करें; फॉर्म 22C/22D भरें और इंस्पेक्शन कराएं | बदलाव के 14 दिनों के भीतर RC जरूर अपडेट कराएं |
क्रोम/गोल्ड रैप और RC में रंग का अपडेट: जानें क्या है जायज?
कार पर ट्रांसपेरेंट क्लियर पेंट प्रोटेक्शन फिल्म (PPF) लगाने पर कोई पाबंदी नहीं है, क्योंकि इससे मूल रंग नहीं बदलता। वहीं, नॉन-रिफ्लेक्टिव रैप जो आपकी गाड़ी की RC में दर्ज रंग से मेल खाता हो, उससे भी चेकिंग के दौरान दिक्कत नहीं होती। हालांकि, अगर आप पूरी गाड़ी का रंग बदल रहे हैं, तो इसके लिए RTO से पहले मंजूरी लेनी होगी, फॉर्म 22C/22D में एंट्री, इंस्पेक्शन और 14 दिनों के भीतर RC अपडेट करानी अनिवार्य है। साथ ही अपनी इंश्योरेंस कंपनी को भी इसकी सूचना दें, ताकि क्लेम के वक्त कोई विवाद न खड़ा हो।
त्योहारी सीजन में पुलिस की चेकिंग काफी सख्त हो जाती है, इसलिए सड़क पर उतरने से पहले गाड़ी के कागजात और फीचर्स जरूर जांच लें। कार में तुरंत HSRP नंबर प्लेट लगवाएं, प्लेट पर स्टिकर न लगाएं और शीशों से सनफिल्म हटा दें। इंश्योरेंस और PUC हमेशा अपडेट रखें और RC व पॉलिसी की डिजिटल कॉपी डिजीलॉकर (DigiLocker) में सेव रखें। मिरर-फिनिश वाले रैप से बचें और पेंट या बॉडी रैपिंग से पहले RTO से RC एंडोर्समेंट की प्रक्रिया पूरी करें।


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