"कार चलाना नहीं आता तो किराये पर ना लें", जाने गोवा सीएम ने क्यों दिया यह बयान
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने यहां आने वाले पर्यटकों से यह अपील की है कि अगर उन्हें कार चलाना नहीं आता है तो वो स्वयं के लिए कार किराये पर न लें। एक महिला की सड़क दुर्घटना के बाद उन्होंने ऐसा कहा है।

हाल ही में स्कूटर पर जा रही नागपुर, महाराष्ट्र की रहने वाली एक महिला मंडोवी पुल पर चार पहिया वाहन से टकरा गई। इस हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि "मंडोवी पुल पर हुए सड़क हादसे में महिला की मौत हो गई, उसकी मौत पर मुझे बुरा लगा। वो लोग जो गाड़ी चलाना नहीं जानते है, मैं नहीं जानता कि क्यों वे लोग वाहन को किराये पर लेते है और गोवा की सड़कों पर घूमते है।"

पणजी को जाने वाले मंडोवी पुल पर दुर्घटना के बाद करीब एक घंटे तक यातायात बुरी तरह से प्रभावित रहा था। आपको बता दें कि गोवा में आने वाले पर्यटक स्वयं ही कार या स्कूटर किराये पर लेकर घूमना पसंद करते है।

यहां पर पर्यटक ऐसा इसलिए करते है क्योंकि टैक्सी के चालक उनसे ज्यादा किराया लेते है तथा गोवा का सार्वजनिक परिवहन पर्यटन के लिहाज से ज्यादा बेहतर नहीं है।

गोवा पुलिस द्वारा ई-चालान को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि "अगर आप वाहन चलाना नहीं जानते है, तो स्वयं वाहन चलाने के लिए किराये पर मत लीजिए।"

उन्होंने कहा कि "जिन लोगों को कार चलाना नहीं आता है और जब वे कार चलाते है तो गलत दिशा में चलाना शुरू कर देते है। जिसकी वजह से कभी-कभी गोवा में सड़क दुर्घटनाएं हो जाती है।"

उन्होंने यह भी कहा कि "पुलिस गलत तरीके से वाहन चला रहे चालकों, खासतौर पर पर्यटकों पर जुर्माना लगाती है और इसके लिए उनकी आलोचना की जाती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि अगर पुलिस ऐसे लोगों का चालान काट रही है तो यह उनकी सुरक्षा के लिए ही है।"

ड्राइवस्पार्क के विचार
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का यह बयान सड़क सुरक्षा के मद्देनजर सही है। गोवा में हर साल लाखों सैलानी आते है और गोवा में घूमने के लिए स्वयं चलाने के लिए वाहनों को किराए पर लेते है। लेकिन किराए पर कार देने से पहले ट्रांसपोर्ट कंपनियों को यह निश्चित कर लेना चाहिए कि जो व्यक्ति कार ले रहा है उसे ड्राइविंग आती है या नहीं आती है।


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