खुशखबरी! अब National Highway पर नहीं देना होगा टोल टैक्स! बेफ्रिक होकर करें इतने किलोमीटर की यात्रा
New Toll Tax Rules : अगर आप भी रोजाना नेशनल हाईवे से अपनी कार लेकर गुजरते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। दरअसल सड़क परिवहन मंत्रालय टोल वसूली के लिए नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। यह नियम उन लोगों को काफी राहत देने वाली है जिनके घर के आसापस टोल प्लाजा पड़ता है।
दरअसल सरकार टोल कलेक्शन के लिए नया GPS आधारित तकनीक लेकर आ रही है। इस सिस्टम के तहत निजी वाहन मालिकों से हाईवे और एक्सप्रेसवे पर 20 किलोमीटर तक की दैनिक यात्रा के लिए टोल नहीं लिया जाएगा। इसका मतलब है कि आपको पहले की तरह घर के आसपास वाले टोल पर किसी तरह का चार्ज नहीं देना होगा।

हालांकि, NHAI की अधिसूचना के मुताबिक यदि आप हाईवे या एक्सप्रेसवे पर 20 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करता है तो आपसे टोटल ट्रेवल की गई दूरी के अनुसार ही टोल टैक्स वसूला जाएगा।
क्या है नया GNSS टोल कलेक्शन सिस्टम: वर्तमान में FASTag के माध्यम से देशभर में टोल टैक्स की वसूली की जाती है। हालांकि बहुत जल्द आपको हाईवे पर टोल प्लाजा नहीं दिखेंगे। जी, हां दरअसल सरकार मौजूदा टोल प्लाजा को बदल कर नया GPS आधारित Toll Collection System को लागू करने जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, NHAI ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे समेत देश के 4 हाईवे पर नया GNSS सिस्टम लागू किया है। इसका सफल परीक्षण होने के बाद इस सिस्टम को देशभर के हाईवे पर लागू किया जाएगा।
कैसे काम करेगा GNSS सिस्टम: बहुत सारे के लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या GNSS हाईवे सिस्टम कैसे काम करेगा? दरअसल इस सिस्टम के तहत हाईवे पर जियो-फेंसिंग की जाएगी। GNSS सिस्टम पूरी तरह से सैटेलाइट पर आधारित टेक्नोलॉजी है।

इसके तहत एक बार जब कोई वाहन हाईवे पर प्रवेश करता है, तो वाहन में लगे OBU(On-Board Unit) की मदद से जीपीएस डिवाइस उसके लोकेशन का पता लगाएगी। इसके बाद वाहन के हाईवे से बाहर निकलने के बाद एंट्री और निकास की दूरी के आधार पर टोल अकाउंट से काट लिया जाएगा।
बता दें कि नई ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) बैरियर फ्री इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है। इससे वाहन चालकों के समय की भी बचत होगी। इसके अलावा सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
GNSS के लिए शुरूआत में बनेंगे दो अलग लेन: रिपोर्ट के मुताबिक भारत के हर टोल बूथों पर ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) के लिए दो अलग लेन बनायी जाएगी। जीएनएसएस सिस्टम को पहले चरण में 2,000KM नेशनल हाईवे पर लागू किया जाएगा।
हालांकि शुरूआती दौर में FASTag लेन भी चालू रहेंगे। फिलहाल सरकार ने नई ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) को लागू करने की कोई डेडलाइन नहीं तय की है। शुरूआत में इस सिस्टम का उपयोग करने वालों को विशेष ऑफर देने की बात कही जा रही है।


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