फोर्ड पिक-अप ट्रक के 100 साल पूरे, जानें पिकअप्स की दिलचप्स हिस्ट्री
फोर्ड इस वक्त पिक ट्रक बनाने के 100 सालों के सिलसिलें को सेलिब्रेट कर रहा है। इस अवसर पर कम्पनी एक और नया ट्रक बनाने जा रहा है| क्या भारत जल्द ही एक फोर्ड पिकअप ट्रक को देख सकता है?
दुनिया की मशहूर ऑटो कम्पनी फोर्ड ने करीब 100 साल पहले अपने पिक-अप ट्रक टीटी मॉडल का निर्माण करना 1917 में शुरू किया था। इस पिकअप ट्रक सेगमेंट के मार्केट में आने के बाद से पूरे वाहन उद्योग का चेहरा बदल गया था।
आपको बता दें कि फोर्ड आज दुनिया के उन सबसे बड़े मोटर वाहन निर्माताओं में से एक है, जिसके पोर्टफोलियो में विभिन्न प्रकार के वाहन हैं। कम्पनी यूरोप और एशिया में हैचबैक, सेडान, क्रॉसओवर और यहां तक कि परफारमेंस कारों के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है।

जबकि दूसरी ओर कंपनी अपने घर में परफार्मेंस कार जैसे मस्टैंग और जीटी के लिए जाना जाता है। यहां पर पिकअप ट्रकों की विस्तार सीमा होती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि वास्तव में, फोर्ड अपने अन्य कारों से अधिक पिकअप बेचता है
फोर्ड एफ-सीरीज़ 35 साल के लिए तक अमेरिका के बेस्ट-बिकने वाले वाहनों में एक रहा और कनाडा में वह 40 सालों से बेस्ट बना हुआ है। यहां एफ-सीरीज़ 51 वर्षों से सबसे अधिक बिकने वाली पिकिंग रही है, और अब पिछले सात वर्षों में सबसे ज्यादा बिकने वाला वाहन, एफ-150 इन संख्याओं में से अधिक योगदान दे रहा है।

कुल मिलाकर अगर सीधे तौर पर कहें तो फोर्ड ट्रकों को आइकोनिक ट्रक कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं, क्योंकि उस कम्पनी के लोग जिस तरह से काम करते थे, उससे क्रांतिकारी बदलाव आए। अब यह अलग बात है कि उनकी शउरूआत भले धीमी थी। लेकिन आज किसान हो या व्यापारी वर्ग इन ट्रकों का इस्तेमाल ज्यादा करता है।

फोर्ड पिक ट्रक का जन्म:
फोर्ड ने मॉडल टी का प्रोडक्शन साल 1908 में ही शुरू कर दिया था। इन एक दशकों में जब उसे ग्राहकों से बढ़िया फीडबैक प्राप्त हुआ तो उन्हें समझ में आया कि उन्हें भार और अधिक उपयोगी वाहनों की आवश्यकता है। एक तरह से इस तरह के उपयोगी वाहन की उनकी मांग था जिसके बाद कम्पनी ने अपनी एक कार के ही पीछे के भाग को खोलकर ग्राहकों को बेच दिया जो कि आगे चलकर काफी सफल हुआ।
इसके अलावा फोर्ड मोटर कंपनी के संस्थापक हेनरी फोर्ड ने हजारों मॉडल्स को अन्य कंपनियों द्वारा परिवर्तित किया और जाहिरा तौर पर खुद से कहा कि ऐसा लगता है कि हमें कारखाने में कुछ करना चाहिए" और फोर्ड की इसी स्व प्रेरणा ने पिकअप ट्रक के जन्म का रास्ता दिया।

इसके बाद 27 जुलाई 1917 को फोर्ड ने मॉडल टीटी के साथ $ 600 (1 917 में करीब 1800 रुपये) की कीमत पर पहले पिकअप ट्रक का शुभारंभ किया। पिकअप ट्रक ने मॉडल टी से केबिन और इंजन को बरकरार रखा था, लेकिन एक टन के एक पेलोड ले जाने में सक्षम एक मुश्किल फ्रेम को जो़ड़ा था।
बताया जाता है कि अपने पहले साल ही में फोर्ड ने पिकअप ट्रकों के 209 यूनिट की बिक्री कर डाली थी। ये वाहन शानदार पहियों के साथ कार्यक्षमता को और सही तरीके से निपटाने की सोच के साथ विस्तारित हुए थे। इस ट्रक में एक मजबूत बिल्ड गुणवत्ता भी थी और रियर संस्पेंशन बहुत कड़ा था।

बताया जाता है कि मॉडल टीटी शुरूआत तब की गई थी जब प्रथम विश्व युद्ध चल रहा था, और वाहनों का निर्माण बहुत जरूरी हो गया था। यहां पर फोर्ड के कई मॉडल यूरोप भेजे गए थे जहां उन्होंने रेड क्रॉस के साथ एम्बुलेंस के रुप में काम किया था। यह ऐसा वक्त था जब यूरोप में ट्रक की बिक्री में बढ़ोतरी हुई, क्योंकि टीटी के स्थायित्व की युद्ध के मैदान में इसकी चार गुना ज्यादा उपयोगिता पर साबित हुआ।
इसके बाद साल 1928 में फोर्ड ने 1.3 लाख मॉडल टीटीएस को मॉडल एए के साथ बदलने से पहले बेच दिया। हालांकि फोर्ड के निर्माण में कितने टीटी और कितने एए पिकअप का निर्माण किया गया इसका कोई सटीक रिकॉर्ड नहीं है। हां 1941 तक 40 लाख ट्रक थे। यह फोर्ड के ग्रेट पिकअप ट्रकों की शुरुआत थी।

फोर्ड का अन्य फैक्ट
पहले विश्वयुद्ध के बाद फिर विश्व युद्ध शुरू हुआ और 1941 में भारी शुल्क वाले सैन्य ट्रकों के रुप में फोर्ड अपना नय़ा अनुभव सबके सामने लाया।
इसके बाद फोर्ड ने 1947 में नए सिरे से वाहनों का निर्माण करना शउरू किया और वह विशेषज्ञता आपको आज तक उन वाहनों में देखने को मिलेगी। फोर्ड के पिकअपों में इस्तेमाल होने वाला फोर-व्हील ड्राइव तकनीक इसी का परिणाम है।
गौर हो कि पिछले 100 सालों में फोर्ड की पिकअप अमेरिका और यूरोप में लोगों की रोजमर्रा लाइफ का हिस्सा बन गया है। इसका साम्राज्य कई डाक और माल वाहन, एम्बुलेंस और स्टेक ट्रकों के रूप में पूरी दुनिया में फैला हुआ है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि आज भी बिक्रने वाली फोर्ड एफ-सीरीज ट्रकों की जड़ें, 1 948 के फोर्ड एफ 1 में वापस पाई जा सकती हैं। तब से, एफ-सीरीज रिलेशन के सदस्यो की संख्या में न केवल बढ़ोत्तरी हुई बल्कि फोर्ड के पिकअप ट्रक अब भी उसका अनुसरण करते हैं।

फोर्ड का वर्तमान
फोर्ड के पिकअप ट्रकों को माल वाहन, एम्बुलेंस, फायर ट्रकों, पुलिस कारों आदि के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इन वर्षों में, उनके ट्रकों को डिजाइन में कम उपयोगितावादी भी बन गए हैं, और अब एक जीवन शैली प्रतीक हैं। फोर्ड के ट्रक आज के अन्य ट्रकों की की तुलना में अधिक सुरक्षित, कठिन, मजबूत और अधिक शक्तिशाली हैं।

फोर्ड पिकअप का भारत से कनेक्शन
हालांकि आपको जानकार थोड़ी बहुत निराशा होगी कि फोर्ड का भारत से बहुत कम कनेक्शन रहा है और दुर्भाग्य से भारत कुछ ऐसे बाजारों में से एक रहा है जहां फोर्ड ने अपने पिकअप ट्रकों को लाने से परहेज किया है।

जबकि दूसरी ओर महिंद्रा स्कॉर्पियो गेटअवे और टाटा जैसी मौजूदा कम्पनियां भी पहले पिकअप बहुत ज्यादा नहीं बनाया करती थी। इसके पीछे की वजह फोर्ड की खर्चीले और तेल पीने वाले इंजन भी थे जो कि भारतीय ग्राहकों को पहले अट्रैक्ट नहीं कर पाया।

लेकिन अब जबकि फोर्ड के पिकअप ट्रक के 100 साल पूरे हो गए हैं और अब भारत का मार्केट दुनिया के अन्य मार्केट की तुलना में ज्य़ादा बड़ा हो गया है तो हम यह मानकर चल ही सकते हैं कि यहां पर कम्पनी कोई नया पिकअप ट्रक ला सकती है। हालांकि यहां अभी एक दो मॉडल बिक्री में हैं।
यहाँ इसुजु डी-मैक्स वी-क्रॉस की मांग के चलते, यह स्पष्ट है कि भारतीय बाजार धीरे-धीरे पिक ट्रक पर प्रयास करना शुरू कर रहा है। फोर्ड यहां एक पिकअप ट्रक बनाने के लिए भारतीय बाजार में अपने मौजूदा प्लेटफार्मों का लाभ उठा सकता है।

खैर, फोर्ड के बारे में हम जानते ही हैं कि उसका पिकअप मार्केट अमेरिका है। लेकिन भारत में जो नई पिकअप यानि फोर्ड रेंजर पिकअप ट्रक आ सकती है वह भारतीय फोर्ड एंडएवर के समान ही चेसिस पर आधारित है। इसके ज्यादातर फीचर इंजनस पॉवर एंडएवर पर आधारित होंगे।

DriveSpark की राय
फोर्ड भारत के सबसे बड़े मार्केट के लिए सबसे कम पिकअप ट्रकों का निर्माण करता है लेकिन अगर नह इस बात पर ध्यान दें तो यहां से तस्वीर काफी बदल सकती है। यह सेगमेंट फोर्ड एंडएवर पर आधारित है जो भारत में तहलका मचा सकता है।


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