पायलट की तरह ट्रक चालकों के लिए तय हों गाड़ी चलाने के घंटे, स्लीप डिटेक्शन सेंसर भी जरूरी: नितिन गडकरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रक चालकों के लिए गाड़ी चलाने का समय तय किये जाने की वकालत की है। इसके लिए उन्होंने कमर्शियल वाहनों में नींद का पता लगाने वाले डिवाइस को लगाने पर जोर दिया। गडकरी ने मंगलवार को सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि पायलट की तरह ट्रक चालकों के लिए भी काम करने के घंटे सीमित होने चाहिए। इससे थकान के वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

गडकरी मंगलवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद (NRSC) में नामित नए सदस्यों के साथ परिचय बैठक में शामिल हुए थे। जिसमें उन्होंने हर राज्य में डिस्ट्रिक्ट रोड कमिटी की मीटिंग नियमित तौर पर करवाने का निर्देश दिया है। ट्वीट में गडकरी के बताया कि कमर्शियल वाहनों में स्लीप डिटेक्शन सेंसर को लगवाने की नीति पर अधिकारियों को काम करने का निर्देश दिया गया है। यूरोपीय देशों के मानकों के आधार पर जल्द ही भारत के ट्रकों में भी सुरक्षा सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा।

एनआरएससी में मनोनीत नए सदस्यों की परिचयात्मक बैठक के दौरान गडकरी ने सभी सदस्यों को सड़क सुरक्षा के विविध क्षेत्रों में काम करने की सलाह दी ताकि सड़क पर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों को एनआरएससी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने और उनके सुझावों को प्राथमिकता से लागू करने का भी निर्देश दिया।

जिला सड़क समिति की बैठकें नियमित रूप से हो यह सुनिश्चित करने के लिए गडकरी मुख्यमंत्रियों और जिला कलेक्टरों को पत्र लिखेंगे। उन्होंने परिषद को हर दो महीने में बैठक करने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में चल रहे कार्यों पर अपने अपडेट साझा करने का निर्देश दिया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सभी उपलब्धियों को उजागर करने के लिए एक मासिक पत्रिका का प्रकाशन किया जाएगा। नए एनआरएससी का गठन परिवहन मंत्रालय ने 28 जुलाई को किया था जबकि बैठक मंगलवार को हुई थी। इसमें सभी 13 गैर-सरकारी सह-चयनित व्यक्तिगत सदस्यों के साथ-साथ सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री, जनरल वी के सिंह भी शामिल थे।

जल्द आएंगी 100% इथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियां
नितिन गडकरी ने पिछले महीने कहा था के केंद्र सरकार अगले छह महीने में 100 प्रतिशत बायोफ्यूल (इथेनॉल) पर चलने वाली गाड़ियों के लिए नीति पेश करेगी। बताया जाता है कि इस नीति के तहत वाहनों कंपनियों को भारत में बायोफ्यूल से चलने वाले गाड़ियों का उत्पादन करना अनिवार्य होगा। सरकार के इस कदम से देश में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में बड़ी सफलता मिलेगी, साथ ही ईंधन की कीमतें भी नीचे आएंगी।

डीजल वाहनों के कम उत्पादन पर जोर
गडकरी ने वाहन कंपनियों से डीजल गाड़ियों का उत्पादन कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि वाहन कंपनियों को ऐसी तकनीकों को बढ़ावा देना चाहिए जो प्रदूषण को कम करने में सहायक हों। डीजल वाहन पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने ऑटो उद्योग को वैकल्पिक ईंधन तकनीक को बढ़ावा देने और वैकल्पिक ईंधन के लिए अनुसंधान एवं विकास पर निवेश करने की अपील की है।


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