मंत्री की कार ओवरटेक करने पर 5 पर्यटकों को पुलिस ने पकड़ा
भारत में किसी भी राज्य के मंत्री के काफिले में कई गाड़ियां शामिल होती हैं। किसी भी मंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर उनका काफिला जहां से गुजरता है, वहां पर ट्रैफिक कुछ देर के लिए रोक दिया जाता है। ऐसे में अगर गलती से भी उनके काफिले के पास से गुजरता है, तो यह उसके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

कुछ ऐसा ही मामला ओडिशा में भी सामने आया है, जहां पर बीते रविवार को पांच पर्यटकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। जानकारी के अनुसार ये पर्यटक एनएच-16 पर राज्य के मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी की कार को ओवरटेक कर रहे थे।

इसी आरोप में पुलिस ने इस पांचों पर्यटकों को हिरासत में लिया था। हालांकि पुलिस ने बाद में उन्हें ऐसी गलती न करने की हिदायत देकर छोड़ दिया था। बता दें कि यह घटना तब हुई जब संतोष शॉ, उनकी पत्नी, भाई और दो नाबालिग बच्चों के साथ दो वाहनों में सवार थे।

ये सभी लोग बालासोर जिले के पंचलिंगेश्वर से कोलकाता लौट रहे थे। इस मामले को लेकर संतोष शॉ ने दावा किया है कि "बस्ता के पास एनएच-16 पर यात्रा करते समय, हमने एक साइरन सुना और यह सोचकर कि यह एक एम्बुलेंस है, हमने इसे ओवरटेक कर लिया था।"

उन्होंने कहा कि "हालांकि, बाद में हमें एहसास हुआ कि पायलट व्हीकल के साथ वह एक मंत्री की कार थी। कुछ समय बाद पायलट कार सड़क से उतर कर एक 'कच्ची' सड़क पर चली गई और इसके बाद ही हमने उन्हें ओवरटेक किया था।"

जानकारी के अनुसार मंत्री की पायलट कार ने पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे जलेश्वर में लखननाथ टोल फाटक तक 20 किलोमीटर तक दोनों वाहनों का पीछा किया और उन्हें बस्ता पुलिस थाने ले आई, जिसके बाद उन्हें पांच घंटे तक हिरासत में रखा गया था।

आपको बता दें कि मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी समीक्षा बैठक में भाग लेने के लिए बस्ता जा रहे थे। इस मामले की जानकारी देते हुए आईआईसी बस्ता थाना, अशोक नायक ने कहा कि "दो वाहनों द्वारा मंत्री की कार को ओवरटेक करने का मामला आया है।

उन्होंने बताया कि "ओवरटेक करने के बाद मंत्री ने पायलट व्हीकल को उन्हें पकड़ने और वापस लाने के लिए कहा गया था। पायलट व्हीकल दोनों वाहनों को बस्ता पुलिस स्टेशन ले आई और उन्हें मोटर वाहन अधिनियम के तहत बुक किया गया और उन्हें पीआर पर रिहा कर दिया गया है।"

संतोष शॉ का कहना है कि "हमें मंत्री के वाहन के पास नहीं जाना चाहिए था। वह मेरी गलती थी। मुझे इस बात का ध्यान नहीं था कि किसी मंत्री के वाहन को ओवरटेक करना कानूनी अपराध है। हालांकि अब ऐसा गलती नहीं दोहराएंगे।"
Source: India Today


Click it and Unblock the Notifications