Rafale Fighter Jet Reaches India: भारत पहुंची 5 राफेल फाइटर जेट, इस तरह से भेदती है हवा
5 राफेल (RAFALE) फाइटर जेट भारत पहुंच चुकी है, यह अंबाला एयर बेस पर लैंड कर चुकी है। राफेल फाइटर जेट फ्रांस से 27 जुलाई को निकली थी और अब भारत पहुंच चुकी है, इसे वाटर सैल्यूट दिया गया है, अंबाला में इसका स्वागत करने के लिए एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया भी मौजूद है।

फ्रांस के मेरिग्नेक एयरबेस में पांचराफेल जेट को फ्रांस में भारत की राजनयिक ने हरी झंडी दिखाई थी और भारत के हवाई क्षेत्र में पहुंचने के बाद इसे दो सुखोई-30 जेट ने दोनों तरफ से एस्कॉर्ट दिया था। 5 राफेल फाइटर जेट को भारतीय वायु सेना में आधिकारिक रूप से अगस्त के दूसरे हफ्ते में शामिल किया जाएगा।

इस 5 राफेल जेट में सात भारतीय पायलट ला रहे हैं, जिनमें 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर शामिल है। इन पायलट को खास तौर पर पिछले कुछ समय से ट्रेनिंग दी जा रही थी, फ्रेंच दसौल्ट एविएशन कंपनी ने उन्हें ट्रेनिंग दी है।

2016 में भारत और फ्रांस के बीच हुई सबसे बड़ी सुरक्षा डील में 36 राफेल जेट खरीदे गये थे, जिसके लिए 60,000 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया था। बतातें चले कि देश को 22 साल बाद नया फाइटर जेट मिला है, इसे शोर्टलिस्ट किये जाने के करीब 8 साल बाद यह भारत पहुंचा है।

इंडियन एयर फोर्स के एयरक्रू व ग्राउंड स्टाफ को एयरक्राफ्ट, उनके आधुनिक हथियार सिस्टम की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसके रखरखाव के लिए इन्फ्रास्टक्चर, पायलेट की ट्रेनिंग आदि पूरी हो चुकी है तथा अगस्त में वायु सेना में शामिल किये जाने बाद इसे उपयोग में लाया जा सकता है।
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राफेल फाइटर जेट हवा में 1915 किमी/घंटा की उड़ान भर सकता है तथा हवा से हवा के साथ साथ यह हवा से जमीन पर भी हमला कर सकता है। राफेल जेट में हैमर मिसाइल लगाई गयी है जो कि 60 - 70 किमी तक की टार्गेट को हिट कर सकता है।

राफेल में बीवीआर एयर टू एयर मिसाइल सिस्टम दिया गया है, इसके साथ ही इसरायली हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले, राडार वार्निंग रिसीवर, लो बैंड जैमर, 10 घंटे की फ्लाइट डाटा रिकॉर्डिंग दी गयी है। यह परमाणु हमला करने में भी सक्षम है।

राफेल फाइटर जेट करीब 7 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके भारत पहुंच गयी है। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में इसे कही भी उपयोग में नहीं लाया जाएगा लेकिन जरुरी हो तो काम में लाया जा सकता है। जरुर ही इसके आने से भारतीय वायु सेना की ताकत बढ़ गयी है।


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