मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर लगा 13 हजार का जुर्माना, पर चुकाने से किया मना - जानें क्यों?
महाराष्ट्र पुलिस ने पिछले दिनों एक सूची जारी की है जिसमें उन लोगों के नाम हैं जिन्होंने ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के बाद जुर्माना नहीं भरा। लिस्ट में कई रसुखदारों का नाम आया है जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम भी शामिल है। फडणवीस पर कुल 13 हजार रुपए जुर्माने की राशी बकाया है।

आरटीआई से खुलासा
आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने मुंबई ट्रैफिक पुलिस ऐप के जरिये दर्जनों वीवीआईपी और वीआईपी व्यक्तियों के बारे में जानकारी हासिल की, जिन्होंने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के बावजूद जुर्माने की राशि जमा नहीं की है। मुख्यमंत्री फडणवीस दो गाड़ियों का उपयोग करते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गाड़ी नंबर MH 01 CP 0038 पर 8000 रुपये और गाड़ी नंबर MH 01 CP 0037 पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने अभी तक इस जुर्माने का भुगतान नहीं किया है।

दरअसल मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली टाटा सफारी SUVs को बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर कई बार स्पीड लिमिट तोड़ते हुए पाया गया था। इसपर मुंबई पुलिस द्वारा लगाए गए स्पीड ट्रैप्स ने ट्रैफिक नियम उल्लंघन को रिकॉर्ड किया और ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक जुर्माने की रसीद (ई-चालान) बन गया। कुल मिलाकर 13 बार (हर बार के लिए 1,000 रूपए) स्पीड लिमिट तोड़ने की घटनाएं हुई हैं जिसका कुल जुर्माना 13,000 रूपए है।

मुख्यमंत्री के जुर्माना न भरने के पीछे मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने सफाई दी है कि मुख्यमंत्री का काफिला उस स्पीड लिमिट से मुक्त होता है जिसे बाकी लोगों के लिए लागू किया जाता है। मुंबई ट्रैफिक डिपार्टमेंट स्टेटमेंट के मताबिक ट्रैफिक चालान स्पीड कैमरा द्वारा ऑटोमैटिक रूप से काट दिए जाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से मुख्यमंत्री के काफिले की गाड़ियाँ स्पीड लिमिट का पालन करने से मुक्त होती हैं। ई-चालान काटने वाले तकनीकी गड़बड़ियों को सही किया जा रहा है। हालांकि पुलिस के इस तर्क पर भी आरटीआई एक्टिविस्ट शकील ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री को स्पीड लिमिट से छुट है तो सरकार को इसके आदेश जारी करने चाहिए।

राज्य में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ यातायात पुलिस विभाग ने हाल ही में ई-चालान प्रणाली शुरू की है। लेकिन पुलिस अब तक जुर्माने की राशी को वसूल पाने में पुरी तरह से फेल दिखाई पड़ती है। अब तक जुर्माने की 119 करोड़ रुपये की राशि वसूली नहीं गई है। जुर्माना न भरने वालों में कई बड़े लोगों का नाम भी शामिल है।

हालांकि नियमों को तोड़कर जुर्माना न भरने वालों में मुख्यंत्री देवेंद्र फडणवीस अकेले नहीं हैं। इसमें कई बड़े नेताओं के साथ अन्य हस्तियों के नाम भी शामिल है। राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे, युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे, कपिल शर्मा के नाम भी जुर्माना न भरनेवालों की लिस्ट में शामिल है।

बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर ऐसे कटता है ई-चालान
दरअसल बांद्रा-वर्ली सी लिंक बनने के बाद उसमें स्पीडिंड के चलते एक्सीडेंट की कई घटनाएं सामने आईं। इसको रेग्यूलेट करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर स्पीड लिमिट तय किया गया। बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर 4-व्हीलर्स के लिए स्पीड लिमिट 80 किमी/घंटे है और 2-व्हीलर्स के लिए स्पीड लिमिट 60 किमी/घंटे है। साथ ही नियम कि निगरानी के लिए 40 हाई-टेक कैमरा लगा दिए। ये कैमरा ते रफ़्तार गाड़ियों के नम्बर प्लेट को ऑटोमैटिक रूप से पढ़ लेते हैं। ऐसे कैमरा को इस प्रकार से प्रोग्राम किया जाता है ताकि वो नियम तोड़ने वाले को अपने आप ई-चालान भेज दे। इनके इनस्टॉल होने के बाद से मुंबई के आधे से ज़्यादा स्पीडिंग मामले यहीं से आये हैं।


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