अक्टूबर में हुआ रिकाॅर्ड टोल कलेक्शन, 3,356 करोड़ रुपये हुए संग्रहित
अक्टूबर 2021 में देश में टोल कलेक्शन 3,356 करोड़ रुपये के साथ अपने रिकॉर्ड स्तर पर रहा। परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते अक्टूबर महीने में देश में 21.42 करोड़ टोल ट्रांजैक्शन हुए। मंत्रालय ने बताया कि देश में त्योहारों के शुरू होने और आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने से टोल कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई है। वहीं पिछले सप्ताह शनिवार को टोल ट्रांजैक्शन 122.81 करोड़ रुपये के साथ एक दिन में सबसे ऊंचे स्तर पर रहा।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल सितंबर में FASTag के माध्यम से 10.93 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए जिसमें 3,000 करोड़ रुपये का टोल संग्रहण किया गया। वहीं अगस्त में, FASTag के माध्यम से 20 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए जिनमें 3,076 करोड़ रुपये की टोल राशि संग्रहित की गई।

इस साल 15 फरवरी से पूरे भारत में फास्टैग अनिवार्य हो गया है। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर सभी टोल प्लाजा फास्टैग के जरिए ही टोल टैक्स की वसूली करते हैं। केंद्र सरकार का दावा है कि FASTag के लागू होने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रतीक्षा समय में काफी कमी आई है और पारदर्शिता भी बढ़ी है।

वर्तमान में, राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 722 टोल प्लाजा और राज्य राजमार्गों पर 196 टोल प्लाजा FASTag के माध्यम से टोल शुल्क वसूलते हैं। कुल टोल शुल्क का लगभग 82 प्रतिशत वाणिज्यिक वाहनों से आता है। कुल टोल संग्रह में कारों का योगदान लगभग 18 प्रतिशत है। FASTag के लागू होने के बाद से टोल प्लाजा से राजस्व संग्रह में काफी वृद्धि हुई है।

FASTag सक्षम वाहन विंडशील्ड पर चिपकाए गए स्टिकर के साथ आते हैं। स्टिकर में एक चिप होती है जो उपयोगकर्ता के बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट से जुड़ी होती है। जब भी वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, तो स्थान पर सिस्टम रेडियो सिग्नल के माध्यम से चिप का पता लगाता है और आवश्यक टोल शुल्क राशि को सीधे उपयोगकर्ता के बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट से डेबिट कर देता है।

FASTag विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ाने के लिए भारत सरकार की डिजिटलीकरण की पहल का हिस्सा है। FASTags विभिन्न बैंकों और डिजिटल वॉलेट एग्रीगेटर्स द्वारा जारी किए जाते हैं। फास्टैग खरीदने के लिए आपको वाहन के रजिस्ट्रेशन डाक्यूमेंट्स के साथ एक आईडी की जरूरत होगी। भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक सहित 22 बैंकों के माध्यम से फास्टैग खरीदे जा सकते हैं। कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे पेटीएम, अमेजन और फ्लिपकार्ट भी अपने ऐप के जरिए फास्टैग की बिक्री कर रहे हैं।

फास्टैग को सभी पैसेंजर चारपहिया वाहन, बस, ट्रक, लाॅरी और निर्माण में उपयोग होने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए लागू किया गया है। बता दें कि दोपहिया वाहनों में फास्टैग लगाना जरूरी नहीं है।

देश के कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंप पर अब ग्राहकों को फास्टैग के माध्यम से ईंधन भी दे रहे हैं। ऐसे फास्टैग उपयोगकर्ता, जिनके खाते आईसीआईसीआई बैंक से जुड़े हैं, उन्हें देश भर में इंडियन ऑयल के रिटेल आउटलेट्स पर कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस भुगतान के फायदे दिए जा रहे हैं। पूरे भारत में लगभग 3,000 इंडियन ऑयल रिटेल आउटलेट्स पर यह सुविधा उपलब्ध है।


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