फास्टैग रिचार्ज करते समय रहें सावधान, वरना आपके साथ भी हो सकता है ये... पढ़े क्या है मामला

फास्टैग (FASTag)से जुड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जिसमें फास्टटैग रिचार्ज करने के नाम पर एक महिला से 60 हजार रुपये ठग लिए गए।

दरअसल 81 साल की एक महिला ने शिकायत की है कि उसने अपने डिजिटल वॉलेट को फास्टैग से जोड़ने के बाद 60,000 रुपये गवां दिए। बेन्सन टाउन में रहने वाली डॉक्टर मैरी जॉन के पेटीएम अकाउंट से किसी अज्ञात वाहन का फास्टैग रिचार्ज कराया गया था।

फास्टैग रिचार्ज

उसने फर्म का कस्टमर केयर नंबर समझकर एक नंबर डायल कियातो साइबर जालसाजों ने उसके बैंक खाते से 60,000 रुपये निकाल लिए। FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संचालित है।

डॉ मैरी फ्रॉड की जानकारी तब पता चली जब वह 12 दिसंबर को एक अज्ञात वाहन के लिए टोल चार्ज में पेमेंट करने के लिए अपने फास्टैग (FASTag) बैलेंस का उपयोग करने के बारे में एक संदेश मिला। पेटीएम कस्टमर केयर के लिए ऑनलाइन सर्च करने पर, उसे 01204456456 नंबर मिला,यह नंबर साइबर जालसाजों का था।

जब उसने डायल किया, तो व्यक्ति ने उसकी शिकायत सुनी और उसे ठीक करने का वादा किया। उसने उसका पेटीएम खाता आईडी और बैंक खाता डिटेल्स मांगे। अगले दिन, डॉ मैरी को कई फोन कॉल आए, जो स्पैम लग रहे थे। दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर उनके खाते से 39,999 रुपए कटने का मैसेज आया। इसके बाद 2,000 रुपये के 5 अन्य ट्रैजेक्शन भी हुए।

दोपहर 1.20 बजे तक तीन और ट्रांजैक्शन 5,000 रुपये, 3,000 रुपये और 1,999 रुपये के हुए। वह इसके पहले कुछ समझ पाती उसकी अकाउंट से कुल 60 हजार रुपये निकल चुके थे।

जिसके बाद वह लेन-देन के बारे में पूछताछ करने के लिए बैंक पहुंची। बैंक कर्मचारियों ने उसे बताया कि यह राशि यूपीआई खातों में ताहामिद अंसारी और पुरुषोत्तम बी यू के नाम से ट्रांसफर की गई है। डॉक्टर मैरी ने जेसी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस ने अंसारी और पुरुषोत्तम के खिलाफ मामला दर्ज किया है, एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि उनके डिजिटल वॉलेट से एक अलग वाहन का फास्टैग कैसे रिचार्ज किया गया।पुलिस का कहना है कि ये धोखाधड़ी बेनामी बैंक खातों के साथ की जाती है और खाताधारकों को कमीशन दिया जाता है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि साइबर अपराधी पैसे चुराने के लिए डिजिटल वॉलेट और बैंक खाते की जानकारी ले रहे थे। अधिकारी ने कहा, "हम लोगों में जागरूकता पैदा कर रहे हैं कि फोन पर किसी के साथ कोई व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खाते की जानकारी शेयर न करें, लेकिन जालसाज अभी भी निर्दोष लोगों को बरगलाने में कामयाब हो जाते हैं।"

पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को तुरंत बैंक जाना चाहिए या 112 पर कॉल करना चाहिए ताकि जालसाज का बैंक खाता तुरंत फ्रीज किया जा सके।

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Article Published On: Friday, December 16, 2022, 13:57 [IST]
English summary
Fastag recharge fraud rs 60000 from woman doctor
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