नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों से वसूलते थे अवैध तरीके से जुर्माना, पुलिस ने किया गिरफ्तार
भारत में अगर आपर सड़को पर नियमों का पालन करते हुए चलत है, तो आपको सभ्य ड्राइवर है। इसके साथ ही आपको किसी भी प्रकार की यातायात समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

हालांकि समस्याओं का सामना करना पड़ेंगा या नहीं इस पर लंबी बात हो सकती है। क्योंकि यह भी एक तथ्य है कि भारत में सड़को पर वाहन ड्राइव करना कोई आसान काम नहीं है। यहां सड़को पर आवारा जानवरों से लेकर बड़े-बड़े गड्ढे और शराब पीकर ड्राइव करने वाले लोगों से खतरा बना रहता है।

इस तरह की परिस्थितियों की वदह से ड्राइव करना खतरनाक है। साथ ही हाल के दिनों में इससे संबधित कई घटनाएं भी सामने आई है। इनमे सड़क उपयोगकर्ताओं से ठगी का मामला भी प्रकाश में आया है।

अभी हाल ही में फेसबुक ग्रुप में एक घटना पोस्ट की गई है। इस घटना के अनुसार कुछ लोग नकती ट्रैफिक वार्डन के रूप में नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर व्हील जैमर लगाते है। इससे संबधित तस्वीरें भी सामने आई है।

जैसा कि यहां की छवियों में देखा जा सकता है, ये लोग टी-शर्ट पहनते हैं जो उन्हें अपने नियमित कपड़ों पर-ऑन-ड्यूटी ट्रैफ़िक पुलिस के कर्मियों के रूप में घोषित करते हैं ताकि वे यह आभास दे सकें कि वे आधिकारिक ट्रैफ़िक पुलिस हैं।

वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर घूमते हैं जहां कई वाहन नो-पार्किंग ज़ोन में खड़े होते हैं। वे व्हील जैमर ले जाते हैं, जिसे वे अपने फोन नंबर पर चिट के साथ वाहन पर लगाते हैं जिसे विंडशील्ड पर रखा जाता है।

फेसबुक पोस्ट के अनुसार, अगर उन्हें नो-पार्किंग ज़ोन में पार्क किया गया वाहन दिखाई देता है, तो वे उस पर फ़ोन-नंबर चिट के साथ एक पहिया जैमर लगाते हैं।

अब जब मालिक अपने वाहन के पास आता है और अपने बंद वाहन को देखकर नंबर पर कॉल करता है, तो वे ट्रैफिक कर्मियों के बहाने घटनास्थल पर पहुंचते हैं।

वे फिर मालिक को डराने, लाइसेंस और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों की जानकारी मांगते हैं और चालान जारी करने का दिखावा करते हैं। लेकिन उन्हें रिश्वत देने की दिशा में कार्यवाही का निर्देश देते हैं। इन धोखाधड़ी और मालिकों के बीच यह तथाकथित समझौता सीधे उनकी जेब में चला जाता है, जो इस सभी रणनीति के पीछे कारण है।

फैसबुक पोस्ट पर कई टिप्पणियों आई है, इनमें बहुत से लोगों ने बताया कि उनके साथ भी ऐसी जालसाजी हो चुकी है। हालांकि उनमें से कुछ ने विरोध भी किया, लेकिन ज्यादातर लोगों ने जुर्माना या रिश्वत देकर कर अपनी पीछा छुड़वाया है।

यदि आपको भी कभी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो हम आपको सुझाव देते है कि निकटतम ट्रैफिक पुलिस से संपर्क करे। साथ ही उनसे इससे संबधित सभी जानकारी लें। इसके साथ ही आप अपने वाहनों को नो-पार्किंग जोन में पार्क नहीं करें।


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