ETO Motors दिल्ली में लगाएगी 2,500 चार्जिंग स्टेशन, टाटा पाॅवर समेत इन कंपनियों से मिलाया हाथ
मोबिलिटी सॉल्यूशंस फर्म ईटीओ मोटर्स (ETO Motors) ने अगले 2-3 वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में लगभग 2,000-3,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए बीएसईएस और टाटा पावर डीडीएल के साथ हाथ मिलाया है। ईटीओ मोटर्स ने देश भर में पहले ही 30 मेगावाट से अधिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लिया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि बीएसईएस और टाटा पावर डीडीएल के साथ यह गठजोड़ भारत को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों से उबरने में मदद करने के लिए स्मार्ट और किफायती चार्जिंग समाधान प्रदान करने में मदद करेगा।

अगले 5 वर्षों के भीतर, ईटीओ मोटर्स इस क्षेत्र में 10,000 से अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर विचार कर रही है। बीएसईएस राजधानी, बीएसईएस यमुना और टाटा पावर डीडीएल सहित दिल्ली की वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने तीन साल की अवधि के लिए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए ईटीओ मोटर्स को नियुक्त और सूचीबद्ध किया है।

सिंगल विंडो सुविधा उपभोक्ताओं को DISCOM वेबसाइटों पर विभिन्न चार्जर्स की लागत और सुविधाओं की तुलना करने, चार्जर ऑर्डर करने और सिंगल कॉल या ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से इसकी स्थापना को शेड्यूल करने में सक्षम बनाएगी। प्रोत्साहन के रूप में, दिल्ली सरकार पहले 30,000 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 6,000 रुपये प्रति चार्जिंग पॉइंट तक की सब्सिडी भी प्रदान करेगी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने और एक संपूर्ण आपूर्ति-श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के उद्देश्य से 7 अगस्त 2020 को इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा की थी। तीन डिस्कॉम्स के पैनल में शामिल विक्रेता के रूप में, ईटीओ मोटर्स मॉल, कार्यालयों, कॉलेजों और निजी स्वामित्व वाली जगहों जैसे आवासीय और अपार्टमेंट परिसरों के साथ अर्ध-सार्वजनिक साइटों पर ईवी चार्जर स्थापित करेगा।

ETO Motors हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्रदाता है। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन भी बनाती है और एक फ्लीट ऑपरेटर और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता भी है। ईटीओ मोटर्स अभी हैदराबाद, दिल्ली, बैंगलोर, नोएडा, नागपुर, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम जैसे शहरों में परिचालन कर रही है।

बता दें कि दिल्ली परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में लगभग एक लाख पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। राज्य में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को अनुमति नहीं देने के दिल्ली सरकार के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है। डीजल वाहनों के अलावा 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल से चलने वाले वाहनों का भी पंजीकरण रद्द किया जा रहा है।

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन अपनी क्षमता के एक तिहाई पर चल रहा है, वहीं सरकार ईको फ्रेंडली इलेक्ट्रिक बसों को चलाने पर भी जोर दे रही है। जैसे-जैसे वाहनों का जीवन बढ़ता है, वे प्रदूषण पैदा करना शुरू कर देते हैं। दिल्ली में पहले 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों को एनओसी नहीं दिया जा रहा था लेकिन अब सरकार उन्हें दिल्ली के बहार चलाने के लिए एनओसी दे रही है।

दिल्ली-राज्यक्षेत्र में गंभीर वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण वाहनों से होने वाला उत्सर्जन है। इसमें डीजल से चलने वाले कमर्शियल वाहनों की अहम भूमिका है। डीजल वाहन को इलेक्ट्रिक में बदलने के बाद वाहन मालिक दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी और छूट का लाभ उठा सकते हैं।

दिल्ली सरकार ने 1000 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए केंद्र सरकार ने अगस्त 2020 में सब्सिडी की मंजूरी दी थी। इस एग्रीमेंट के तहत दिल्ली में 550 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का परमिट दे दिया गया है और अन्य बसों को अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने राजधानी में 2024 तक 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, ऑटोरिक्शा, ई-रिक्शा, और माल गाड़ियों की खरीद पर 30,000 रुपये की छूट दी जा रही है, जबकि इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर ग्राहक 1.5 लाख रुपये तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं।


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