देश में 6 महीनों के भीतर तैयार किया जएगा इथेनॉल फ्यूल पंप नेटवर्क, पेट्रोल से कम होगी कीमत
भारत सरकार काफी समय से वैकल्पिक ईंधन समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पेट्रोल और डीजल के वैकल्पिक ईंधन में से एक इथेनॉल है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी वाहनों में इथेनॉल के इस्तेमाल की वकालत करते हैं। अभी हाल ही में उन्होंने वाहन कंपनियों से फ्लेक्स फ्यूल इंजन वाले वाहनों के निर्माण की अपील की है। नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार देश में इथेनॉल पंप के नेटवर्क को विकसित कर रही है और अगले छह महीनों के भीतर देश में इथेनॉल फ्यूल पंप का एक व्यापक नेटवर्क तैयार कर लिया जाएगा।

वर्तमान में, भारत में केवल तीन इथेनॉल फ्यूल पंप आउटलेट हैं, जहां E100 फ्यूल उपलब्ध है। भारत में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन द्वारा संचालित कोई वाहन नहीं है, जिसके कारण इथेनॉल की मांग न के बराबर है। टू-व्हीलर सेगमेंट में, TVS मोटर ने जुलाई 2019 में इथेनॉल से चलने वाली Apache RTR 200 को पेश किया था। हालांकि, यह मॉडल अभी तक बड़े पैमाने पर खरीद के लिए उपलब्ध नहीं है।

क्या है सरकार की योजना
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने फ्लेक्स फ्यूल इंजन संचालित वाहनों को पेट्रोल वाहनों के विकल्प के तौर पर अपनाने की अपील कर रहे हैं। भारत सरकार ने वाहनों के प्रदूषण को कम करने के प्रयास में पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।

8 मार्च को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने एक अधिसूचना जारी कर E20 ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होगा। इथेनॉल मिश्रित मिश्रित फ्लेक्स फ्यूल का इस्तेमाल 2025 तक पूरी तरह किया जाने लगेगा।

भारत में 2008 से E10 यानी 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचने की की अनुमति दी गई है। हालांकि, उपलब्धता की कमी के कारण 6 प्रतिशत से कम इथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 18 में पेट्रोल में मात्र 4.22 प्रतिशत इथेनॉल ही मिलाया गया था।

क्या हैं इथेनॉल मिश्रित फ्लेक्स फ्यूल के फायदे?
पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित करने से भारत में हर साल 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इथेनॉल कारोबार किया जा सकता है। इथेनॉल के उपयोग से पेट्रोल का आयात कम होगा और करोड़ों रुपये के राजस्व की बचत भी की जा सकेगी। इसके अलावा इथेनॉल मिश्रित फ्लेक्स फ्यूल के इस्तेमाल से वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा।

ब्राजील, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में फ्लेक्स फ्यूल पर चलने वाले वाहनों का उत्पादन किया जाता है। यहां ग्राहक 100 प्रतिशत पेट्रोल या 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाले वाहनों का विकल्प चुन सकते हैं।

पेट्रोल से सस्ती मिलेगी इथेनॉल फ्यूल
बायो फ्यूल यानी इथेनॉल की कीमत पेट्रोल से 30-35 रुपये सस्ती हो सकती है। पूरी तरह इथेनॉल पर चलने वाले वाहनों पर पेट्रोल की कीमतों में आ रहे बदलाव का असर नहीं पड़ेगा। नितिन गडकरी ने कहा है कि इथेनॉल को तैयार करने के लिए हमारे देश में पर्याप्त मात्रा में मक्के, गन्ने और गेहूं की खेती की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर वाहन कंपनियां फ्लेक्स इंजन वाहनों को उतारने न करें तो हमें सस्ते ईंधन का फायदा मिल सकता है।


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