वाहनों के लिए बेहद घातक हो सकता है इथेनॉल मिला पेट्रोल, 2025 तक 20% होगा मिलावट का स्तर
देश में पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और देश कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के भी पार हो गई है। ऐसे में भारत सरकार पेट्रोल के विकल्प तलाशने का प्रयास कर रही है। बता दें कि कुछ समय पहले ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि देश इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा था कि साल 2025 तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए 20 प्रतिशत का लक्ष्य तय किया गया है। भारत सरकार कार्बन उत्सर्जन को 33 से 35 प्रतिशत तक कम करने की योजना बना रही है। जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल सिर्फ 8.5 फीसदी इथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता है।

हालांकि साल 2022 से इथेनॉल का प्रतिशत बढ़कर 10 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजनों पर क्या असर पड़ेगा। इस सवाल के जवाब को लेकर stuart fillingham नाम के यूट्यूबर ने एक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया है।

इस वीडियो में बताया गया है कि इथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल का इस्तेमाल करने से वाहन के इंजन के आधार पर एफिशिएंसी और परफॉर्मेंस में 3.5 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। इसका मतलब है कि न केवल पावर आउटपुट कम होगा बल्कि इंजन प्रति किलोमीटर अधिक ईंधन का उपयोग भी करेगा।

इसका मतलब है कि इंजन की फ्यूल एफिशिएंसी कम हो जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जब पेट्रोल में 10 प्रतिशत की जगह पर 20 प्रतिशत इथेनॉल को मिलाया जाएगा तो फ्यूल एफिशिएंसी और परफॉर्मेंस में कमी का प्रतिशत और भी बढ़ जाएगा, जो कि वाहनों मालिकों के लिए के एक चिंता का विषय हो सकता है।

यूनाइटेड किंगडम सरकार ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल आपको रेगुलर पेट्रोल से कम कीमत पर मिलेगा, लेकिन ऐसा उन देशों में नहीं होने वाला है, जहां इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पहले से ही बेचा जा रहा है। इन देशों में भारत को भी गिना जा सकता है, ऐसे में माना जा रहा है कि बाइक और कार को चलाना महंगा हो सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि पेट्रोल की कीमतें पहले से ही अधिक हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे इसकी कीमत और भी बढ़ सकती है और ईंधन की बचत व प्रदर्शन में कमी आएगी। इथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल के साथ एक और समस्या हीड्रोस्कोपिक भी है। इसका मतलब है कि इथेनॉल वातावरण से नमी को अवशोषित करता है।

इसलिए यह सामान्य पेट्रोल की तरह प्रज्वलित नहीं करता है। यह वाहन "फ़िज़ सेपरेशन" का कारण बनता है, जिसका मूल रूप से मतलब है कि ईंधन बेकार हो जाता है और यह इंजन को नुकसान पहुंचाने लगता है। यह उस नमी के कारण होता है, जिसे इथेनॉल अवशोषित करता है।

हालांकि यह आमतौर पर केवल तब होता है जब ईंधन टैंक में ईंधन का उपयोग लंबे समय तक नहीं किया जाता है। यदि आप अपनी मोटरसाइकिल या कार का नियमित रूप से उपयोग करते हैं तो आप इसमें बार-बार ईंधन भराते रहेंगे, जिससे इसमें ताजा पेट्रोल जाता रहेगा और नमी पैदा नहीं होगी।


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